Monday, 27th February, 2017
चलते चलते

धर्मगुरु बोले 'Have No attachments', प्रभावित युवक अब ई-मेल में भी attachment नहीं लगाता

14, Dec 2016 By Pagla Ghoda

मुम्बई. परेल के रहने वाले एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर रोसेज मयाभाई को इन दिनों बॉस से खूब डांट पड़ रही है, कारण ये कि वो अब किसी भी ज़रूरी या गैरज़रूरी ई-मेल में अटैचमेंट नहीं लगाता। इस कारण क्लाइंट को गए कई ई-मेल भी ई-मेल बॉडी में “प्लीज फाइंड अटैच्ड” लिखे होने के बावजूद भी बिना अटैचमेंट के ही भेजे गए, जिससे चहुँ ओर हाहाकार मच गया।

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रोसेज को परम-ज्ञान देते रंगोसद शीफ़ू

रोसेज के बॉस संकल्प संजीदा ने फेकिंग न्यूज़ को बताया, “मेरी तो यार नौकरी पर बन आयी थी। हमें पहले तो ये लगा कि काफी ई-मेल हैक हो रहे हैं, जिसके कारण अटैचमेंट कोई तीसरी पार्टी गायब कर रही है। पर हमारी तकनीकी जांच में पता चला कि हमारे ई-मेल प्रोटोकॉल तो सब ठीक हैं और किसी सर्वर में भी कोई ब्रीच नहीं हुआ है। फिर मैंने ध्यान दिया कि ये सब गड़बड़ रोसेज के भेजे ई-मेल्स में ही हो रही है। जब मैंने उससे पूछा तो पहले तो वो बगले झांकता रहा, बाद में दबे शब्दों में स्वीकार किया कि उसके गुरु रंगोसद शीफू ने कहा है, “Have No attachments!” इस लिए वो मूर्ख अब ई-मेल भी अटैचमेंट्स नहीं लगाएगा। अजी हद्द होती है बेवकूफी की!”

रंगोसद शीफू का शिष्य बनने के बाद से रोसेज आजकल एक बदला हुआ इंसान है। उसके इन बदलावों के चलते रंगोसद शीफू की मार्केटिंग टीम ने उससे काफी सारे टेलीब्रांड विज्ञापन भी शूट करवाए हैं, जिसमे उसने रंगोसद शीफू की जमकर तारीफ की है और ये भी बताया है कि उनके बताये मार्ग पर चलने के बाद से कैसे उसकी ज़िन्दगी बदल गयी। फ़ेकिंग न्यूज़ से बात करते हुए रोसेज उसी टेलीब्रांड वाले अंदाज़ में बोलने लगा, “दोस्तों मैं बहुत परेशान रहा करता था। मेरे बाल गिरने लगे थे, मैं काफी मोटा भी हो गया था। लड़कियां जो मुझे बचपन से ही पसंद नहीं करती थी, अब वे मुझसे और भी नफरत करने लगीं थीं। मैंने गे बनने की भी कोशिश की परंतु लड़के भी मुझे ठुकराने लगे थे।” रोसेज ने आँखें भींचते हुए रोने का अभिनय सा किया।

फिर खुद को सँभालते हुए रोसेज ने मुस्कुराकर आगे कहा, “तभी मैने टीवी पे देखा रंगोसद शीफू का जापानी सूशी मंत्र और डक नेकलेस किट, जिसकी मार्केट कॉस्ट थी दस हज़ार रूपये, जो कि अगले दस कॉलर्स को मिल रहा था मात्र 1999 में! फिर क्या था दोस्तों, मैंने उसी वक़्त उनका पूरा किट ऑर्डर किया, जिसके साथ मुझे एक फ्री सीडी भी मिली, जिसमें डिटेल में उनके प्रवचन थे। साथ ही मुझे एक जूसर मिक्सर ग्राइंडर भी मिला एकदम फ्री! और दोस्तों उसके बाद तो जैसे मेरी ज़िंदगी हीबदल गयी! जूसर से मैं रोज़ फ्रूट जूस पीता हूँ जिससे मैंने काफी वज़न घटाया है और लड़कियां अब मुझ पर मरने लगी हैं। शीफू बोलते हैं, “Have No attachments”, इसलिए मैंने घर की दीवारों पर लगे सारे अटैचमेंट्स निकल दिए हैं। यहाँ तक कि बाथरूम के नलके, फव्वारे, दरवाजों की चिटखनिया, सब अटैचमेंट ख़तम! मैंने कसम खाई है कि आज के बाद मैं किसी ई-मेल में भी किसी फ़ाइल का अटैचमेंट नहीं भेजूंगा। शीफू मुझे शक्ति दें! दोस्तों अब देर मत कीजिये, आज ही ऑर्डर कीजिये दिल दहला देने वाला दाम, केवल 1999 में, जी हाँ, केवल 1999! सभी ऑर्डर वीपीपी से भेजे जायेंगे। और जानकारी के लिए नीचे लिखे नंबरों पर कॉल करें तुरंत!”

रोसेज ने अपने गुरु की दी हुई शिक्षा का जो गूढ़ अर्थ निकाला है उससे उनके पडोसी भी काफी परेशान हैं। उसने अपनी कॉलोनी के सभी लोगों के घरों में घुस-घुस के उनके कुत्ते बिल्लियों को “No attachments” के नाम पे खुला छोड़ दिया है, जिस कारण करीब नौ पालतू कुत्ते और ग्यारह बिल्लियां अपने-अपने घरों से फरार हैं। रोसेज अब पास की ही एक मैक्सिमम सिक्योरिटी जेल में जाकर वहां बंद सज़ायाफ्ता कैदियों की अटैचमेंट ख़तम करने पर विचार कर रहा है।



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