Thursday, 25th May, 2017
चलते चलते

'तिवारी' सरनेम वाले युवक को एक दोस्त ने बुलाया उसके पहले नाम से, दोस्तों ने किया सर्किल से बाहर

23, Apr 2017 By Ravi Raj

कानपुर. हम सबकी फ्रेंड लिस्ट में हमेशा कोई ना कोई दोस्त ऐसा होता है जिसका सरनेम ‘तिवारी’, ‘मिश्रा’, ‘त्रिपाठी’ या ‘पांडे’ होता है। पर हम कभी उस बन्दे का पहला नाम नहीं जान पाते। लेकिन कल रात देश के एक नामी इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्टल में एक ऐसी घटना घटी, जिसने इस परिपाटी को बदलकर रख दिया।

Hostel-friends
तिवारी का फ़र्स्ट नेम सुनकर चौंकते उसके दोस्त

हुआ यूँ कि फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स के एक ग्रुप में तमिलनाडु के एक नये लड़के स्वामी को जगह दी गयी। ग्रुप के नियम के मुताबिक उसको रात भर ताश खेलने का काम दिया गया। इस ज़िम्मेदारी को पाकर स्वामी बहुत खुश था क्योंकि उसने पहली बात ताश के पत्ते देखे थे। गेम में उसे सुमित तिवारी नाम का एक युवक पार्टनर के रूप में मिला।

खेल शुरू होते ही स्वामी ने अपने पार्टनर को ‘सुमित…सुमित’ बुलाना शुरू कर दिया। शुरू के एक-दो राउंड तक तो दोस्तों ने बर्दाश्त कर लिया लेकिन जब वो ‘तिवारी’ के बजाय सुमित ही बोलता रहा तो सारे दोस्त उस पर टूट पड़े। ग्रुप के एक दबंग लड़के ने कहा कि “तुम्हे आखिरी वॉर्निंग दी जा रही है, ‘तिवारी’ को तिवारी ही बुलाना है तुम्हें! समझे!”

“तिवारी को उसके पहले नाम से कोई नहीं बुलाता। अगर तुम्हें इस ग्रुप में रहना है तो तुम्हें भी इस नियम को मानना होगा।” -दूसरे लड़के ने स्वामी को समझाते हुए कहा। लेकिन इसके बाद भी आगे के राउंड में स्वामी उसे सुमित ही बुलाता रहा। अब ग्रुप के सारे दोस्तों के सब्र का बाँध टूट गया और उन्होंने स्वामी को सर्किल से बाहर निकाल दिया।

अब सर्किल से बाहर निकलने के बाद स्वामी सारे स्टूडेंट्स को सिर्फ उनके सरनेम से ही बुलाता है, इसलिये दोस्तों के ग्रुप ने उसे एक आखिरी मौका देने की सोची है। इस मुद्दे पर बहस करने के लिए कॉलेज के लॉन में एक अति महत्वपूर्ण मीटिंग बुलाई गयी है, जिसमें स्वामी के भविष्य पर अंतिम फ़ैसला लिया जायेगा।



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