Monday, 27th February, 2017
चलते चलते

सर्दियों मे फट गए होंठ, किसी को मुँह दिखाने के लायक नही रहा युवक

07, Dec 2016 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली. मयूर विहार में रहने वाला हैंडसम युवक विवेक तनेजा अपने चेहरे को शहर की धूल, मिट्टी और बदलते मौसम से बचाकर रखने के लिए हर मुमकिन कोशिश करता था। उसकी दराज में अलग-अलग मौसम के लिए अलग-अलग क्रीम हमेशा पड़ी रहती थी। अपने चेहरे पर एक छोटा सा निशान भी विवेक को गंवारा नहीं था। अपना चेहरा चमकाने के लिए वो सिर्फ दुकान के प्रोडक्ट्स पर ही निर्भर नहीं था बल्कि बैक-अप प्लान के रूप में वो एलोवेरा का जूस भी हमेशा तैयार रखता था।

Hiding Face
शर्म के मारे अपना चेहरा छुपाता विवेक

विवेक जब बन-ठन कर बाइक पर निकलता था तो मयूर विहार के सारे फेजों की लड़कियाँ उसकी अदा देखकर मर-मिटती थीं। हालाँकि विवेक के घरवालों को इसमें छिछोरपंती ही नज़र आती थी। वे विवेक से कहते कि “अगर तू इतनी मेहनत पढ़ाई में करता तो कब का बैंक पीओ या कलेक्टर बन गया होता।” वहीं कुछ रिश्तेदार विवेक की तारीफ़ भी करते थे। वे कहते कि “अपना लुक ठीक रखने में कोई बुराई नहीं है। तू लगा रह! जल्द ही तेरी शादी करेंगे, हमने लड़की देख ली है।’-ये सुनकर विवेक शरमा कर बाहर निकल जाता।

लेकिन सर्दियां आते ही विवेक के चेहरे पे मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। उसने अपने चेहरे की देखभाल करने में ज़रा सी लापरवाही क्या कर दी, ठंड से उसके होंठ फट गये और चेहरा भी रूखा-रूखा सा हो गया। उसकी महंगी-महंगी ब्यूटी क्रीम भी उसे इस महादुःख से बचा नहीं पायीं। बेचारा विवेक किसी को मुंह दिखाने के काबिल नहीं रहा, उसकी बरसों की बनी-बनाई इज्ज़त मिट्टी में मिल गई।

विवेक ने ज्यादा घूमना-फिरना भी छोड़ दिया। जब भी उसके दोस्त फोन करके पूछते हैं कि- ‘कहाँ है यार! आजकल दिखाई नहीं देता?’ तो वो उन्हें ये कहकर गोली दे देता है कि- “बस यार! मौज मस्ती बहुत हो गयी, अब करियर के बारे में सोचने का टाइम आ गया है।” -और फोन रख देता है। उधर, विवेक के होंठ फटने से उसके घरवालों ख़ुश हैं और दुआ कर रहे हैं कि ये होंठ हर मौसम में फटे रहें और वो घर से बाहर ना निकले।



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