Monday, 27th February, 2017
चलते चलते

बारात स्वागत में नहीं चलीं गोलियां, बाराती हुए नाराज, घोड़ी हुई खुश

05, Jun 2016 By Ritesh Sinha

कानपुर– पिछले दिनों ग्राम प्रधान जी के यहाँ उसके बेटे की शादी बिना किसी विघ्न के संपन्न हो गई, लेकिन शादी में शामिल होने आए मेहमान अपने अपने घर जाते समय प्रधान जी से बहुत नाराज थे।

Shaadi
एक भी गोली ऐसे नहीं निकली

दरअसल प्रधान जी ने तो अपनी ओर से मेहमानों की अच्छी खातिरदारी की लेकिन लड़की वालों की तरफ से बहुत बड़ी भूल हो गई, हुआ यूँ कि लड़की वालों की तरफ से बारात का स्वागत करते  समय  बन्दूक से गोलियां नहीं दागी गईं और ना ही बन्दूक हवा में लहराई गई। सारे बाराती खाली-पीली बारात स्वागत देखकर नाराज हो गए और प्रधान जी को भला बुरा कहने लगे।

लड़के के फूफा जी ने बताया कि, “मैं तो पहले ही इस शादी के खिलाफ था पर भाई साहब मेरी सुनते ही कितना हैं, चलो बारात में गोलियां नहीं चली तो कोई बात नहीं लेकिन बन्दूक साथ लेकर आने में क्या हर्ज़ थी? स्वागत करने वाले सारे लोग अपना खाली हाथ हिलाते हुए आ रहे थे, ये देखकर मेरा चेहरा शर्म से झुक गया।” ऐसा कहते हुए फूफा जी दांत रगड़ने लगे।

लड़के के चाचा जी ने बताया कि,”हमारे समधी जी इतने कंजूस होंगे मैंने सोचा भी नहीं था, अगर कहते तो हम यहाँ से एक दर्जन बन्दूक भिजवा देते, कम से कम हमारी नाक तो नहीं कटती बिरादरी मे, अरे मैंने अपने बेटे का ब्याह किया था तो आसमान छेद दिया था गोलियों से, पर इनको कौन समझाए?” कहते हुए अपने भाई की और घूरने लगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि ये सब मंदी के कारण हो रहा है, हो सकता है लड़की वाले मंदी की चपेट में आ गए हों वर्ना शादी में बन्दूक से गोलियां ना चले ऐसा हो नहीं सकता।

इसी बीच खबर आई है की जिस घोड़ी में चढ़कर दूल्हा बारात लेकर गया था वो ख़ुशी के मारे नाच रही है, उसका कहना है कि प्रधान जी बहुत अच्छे आदमी हैं क्योंकि इनकी शादी में गोलियां नहीं चली वर्ना मैं तो गोलियों की आवाज से तंग आ गई थी, साथ ही घोड़ी ने अपना किराया लेने से भी इनकार कर दिया है और वर वधू को गोबर की शक्ल में “बहुत सारा” आशीर्वाद दिया है।



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