Tuesday, 23rd May, 2017
चलते चलते

बार-बार 'आई थिंक' और 'यू नो' बोलने पर जुर्माना लगायेगी सरकार, अंग्रेज़ी बोलने वाले लोगों में डर बैठा

20, Aug 2016 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ऐसे लोगों पर जुर्माना लगाने जा रही है, जो बात बात पर ‘I think’ और ‘You know’ बोलते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर उन अंग्रेजी बोलने वालों पर पड़ेगा, जो अपना एक वाक्य पूरा करने के लिए कम से कम दस बार इन शब्दों का प्रयोग करते हैं।

Ashutosh
सरकार के फ़ैसले का अंग्रेज़ी में विरोध करते ‘आप’ नेता आशुतोष

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने इस नये क़ानून की जानकारी देते हुए कहा कि “जो भी एक मिनट में पांच बार से ज़्यादा ‘आई थिंक’ या ‘यू नो’ बोलेगा, उसे 5000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा।” जब उनसे पूछा गया कि “जो इन शब्दों के बिना अंग्रेज़ी बोल लेते हैं, उनका क्या?” तो जावडेकर ने कहा- “I think…उन लोगों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”

उधर, यह ख़बर फैलते ही देश में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन होने लगे। लोगों का कहना है कि ये हमारे अंग्रेज़ी बोलने के अधिकार का हनन है। पटना की एक इंग्लिस स्पीकिंग युवती शालिनी उर्फ़ शैलू ने हमें बताया कि “जब मैं गोलगप्पे खाने अपनी फ्रेंड्स के साथ जाती हूँ तो मेरी इंग्लिश हिरन के बच्चे की तरह कूदने लगती है। मैं गोलगप्पे वाले अंकल से कहती हूँ कि “you know अंकल मुझे इमली पानी और देना” गोलगप्पे वाला मुझे दो गोलगप्पे ज्यादा देता है। और जब पैसे देने की बारी आती है तो मैं अपनी फ्रेंड्स से कहती हूँ कि ‘I think’ पैसे मैं दे रही हूँ ना!’ बट अब मुझे टोटली हिंदी में बोलना पड़ेगा!”

शालिनी की ही तरह उदास दिख रहे प्रशांत भार्गव नाम के युवक ने बताया कि “कल ही मैं अपने दोस्त की बारात में गया था, जहां मैंने लगभग 100 लीटर अंग्रेजी बोली थी। अब तो फ्यूचर में बारात में जाने में भी कोई मज़ा नहीं आयेगा।”

देश के प्रतिष्ठित मनोवैज्ञानिकों ने भी इस फ़ैसले को गलत करार दिया है। उनका कहना है कि “अंग्रेज़ी बोलते समय हमारे दिमाग की 16000 नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे हमारा दिमाग तेज होता है।” लेकिन सरकार अपने फ़ैसले पर अड़ी हुई है, उसने कहा है कि इस लिस्ट में आगे अभी और भी शब्द जोड़े जायेंगे। देश भर के पान कॉर्नर और गोलगप्पे वाले इस मुद्दे पर सरकार का समर्थन कर रहे हैं।



ऐसी अन्य ख़बरें