Saturday, 25th March, 2017
चलते चलते

ड्राई डे के लिये पहले से 'कोटा' लेकर रखना हुआ मुश्किल, एडवांस में लेने पर लगेगी रोक

21, Feb 2017 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. देश के शराब-प्रेमियों पर एक के बाद एक हमले हो रहे हैं। अभी दो दिन पहले ख़बर आयी थी कि बिहार के अफ़सर किसी और राज्य में जाकर भी नहीं पी सकते। अब उससे भी भयानक ख़बर आयी है- ख़ास तौर से उन लोगों लिये जो ‘ड्राई डे’ (शुष्क दिवस) के लिये पहले से ही ‘कोटा’ खरीदकर रख लेते हैं। केंद्र सरकार एक ऐसा क़ानून बनाने जा रही है, जिसके बाद ‘ड्राई डे’ के लिये पहले से ही शराब खरीदकर रखना असंभव हो जायेगा।

Liquor-shop1
ड्राई डे से पहले ‘कोटा’ ले जाते लोग

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस फ़ैसले की जानकारी देते हुए बताया कि “हम अमरीका से ऐसी मशीनें इंपोर्ट करने वाले हैं, जो बंदे की शकल देखकर पहचान लेती हैं कि वो आज के लिये लेकर जा रहा है या ‘ड्राई डे’ के लिये! होली से पहले ये मशीनें सभी वाइन शॉप्स में लग जायेंगी क्योंकि ये काम होली पे सबसे ज़्यादा होता है।”

“जो ‘ड्राई डे’ के लिये पहले ही लाकर रख लेते हैं, भगवान उन सबको देख रहा है। वे सब पाकिस्तान नरक में जायेंगे!” -उन्होंने मयकशों को डराते हुए कहा।

“अगर कोई ‘ड्राई डे’ के दिन पीता हुआ पाया गया, तो उस पर ईशनिंदा का केस चलेगा क्योंकि भगवान नहीं चाहते कि जो दिन उनके लिये ‘अलॉट’ किया गया है, उस दिन कोई और मज़े करे।”

“सोचो! अगर कोई दशहरे पर पियेगा तो भगवान राम को कितना बुरा लगेगा! वो क्या सोचेंगे- कि मेरी तो रावण को मारने में जान निकल गयी और ये अधर्मी घर में बैठा दारू पी रहा है!”

“क्या भगवान के नाम पर लोग पीना छोड़ देंगे?” फ़ेकिंग न्यूज़ के इस सवाल पर गिरिराज ने कहा, “इंडिया में जो काम किसी और तरीक़े से ना हो, वो भगवान के नाम पे हो जाता है! देखा नहीं है क्या! मंगलवार को गिलास छूने से यहां अच्छे-अच्छे पियक्कड़ों की भी फट जाती है।”

“क्या कोई ऐसा तरीक़ा नहीं है, जिससे पीने वाले का काम भी बन जाये और उसे पाप भी ना लगे?”, इसके जवाब में उन्होंने कहा, “इसके लिये तो फिर उसे किसी फ़ाइव स्टार होटल में ही जाना पड़ेगा, क्योंकि वहां पीने वालों का ना हम बुरा मानते और ना भगवान!”

अचानक गिरिराज जी ने पत्रकारों से पूछा- “मुझे एक बात बताओ! लोग शराब क्यूं पीते हैं?” फिर ख़ुद ही जवाब देते हुए बोले- “ख़ुश होने के लिये ही ना! तो त्योहार पर तो लोग वैसे ही ख़ुश रहते हैं, फिर शराब पीकर और ज़्यादा ख़ुश होने की क्या ज़रूरत है! अति किसी भी चीज़ की अच्छी नहीं होती। इसलिये हम लोगों को एक लिमिट से ज़्यादा ख़ुश नहीं होने देंगे।”



ऐसी अन्य ख़बरें