Tuesday, 24th October, 2017

चलते चलते

सरकारी कर्मचारी ने मेहमानों को टेबल के नीचे से दिया चाय का कप, मचा बवाल

07, Oct 2017 By Guest Patrakar

मुंबई. कहते हैं कि बुरी आदतें जाते-जाते जाती हैं। जैसे सिगरेट, शराब, पान, गुटखा-तंबाकू और नींद इत्यादि। लेकिन कुछ बुरी आदतें ऐसी होती है जो मरते दम तक आपका साथ नही छोड़ती। उनमे सबसे अव्वल है रिश्वतखोरी! ये रिश्वतखोरी की आदत प्रमोद दुआ जी को एक दिन इतनी शर्म महसूस कराएगी, इसका अंदाज़ा उन्हें बिल्कुल भी नहीं था।

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ऑफ़िस में टेबल के नीचे से लेन-देन करते दुआ जी

हुआ यूँ कि मुंबई के वर्ली इलाक़े में रहने वाले 48 वर्षीय दुआ जी के घर पर मेहमान आए हुए थे और श्रीमती जी ने चाय बनाई थी। सोफ़े पर बैठे दुआ जी को जब उनकी पत्नी ने मेहमानों को चाय देने को कहा तो उन्होंने चाय टेबल के नीचे से सरका दी, जैसे आमतौर पर वो अपने दफ़्तर में लेन-देन करते हैं।

यह देखकर पूरे कमरे में सन्नाटा छा गया। सब दुआ जी को हैरानी भरी नज़रों से घूरने लगे। पत्नी तो इतने ग़ुस्से में आ गईं कि घर छोड़ कर ही चली गईं। दुआ जी को अपनी करनी पर अफ़सोस तो था लेकिन वो बेचारे कर भी क्या सकते थे, हमारे सरकारी बाबुओं को रिश्वत की आदत जो पड़ गई है।

हमने उनकी पत्नी से बात की उन्होंने बताया, “मेरी शादी से पहले भी ये सरकारी नौकरी करते थे, तब भी इन्हें रिश्वत लेने की आदत थी। और उनकी आदत इतनी गंदी थी कि शादी में आए लोगों से भी पाँच सौ रुपये लेने के बाद ही उन्हें खाने दिया। इन्होंने तो पंडित जी को 5100 रुपए देने के बजाय उन्हीं से 5000 रुपए ले कर उनका ही प्रमाण पत्र बना दिया। मैं अब इनके साथ और नहीं रह सकती!”

दुआजी हमसे दो हज़ार रुपए लेकर बातचीत करने को राज़ी हुए। उन्होंने कहा “इसमें मेरी ग़लती नहीं है, बल्कि उन लोगों की ग़लती है जो मुझे रिश्वत देकर काम कराते हैं। सरकारी काम में टाइम लगता है और मुंबई में किसी के पास भी टाइम नहीं है। हर कोई जल्दी में होता है और इसीलिए रिश्वत देता है। तो अगर मैं गुनहगार हूँ तो गुनहगार वे भी हैं! जिसे पकड़ना है, पहले उन्हें जाकर पकड़े।” यह सुनकर हमारे रिपोर्टर ने वहाँ से निकलने में ही भलाई समझी।



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