Friday, 20th October, 2017

चलते चलते

बॉयफ्रेंड को 'रूपा फ्रंटलाइन' अंडरवियर में देख गर्लफ्रेंड ने किया ब्रेक-अप

01, Feb 2017 By बगुला भगत

नोएडा. शहर में कल फिर एक हैरतअंगेज़ घटना घटी, जब एक युवक को उसकी गर्लफ्रेंड उसके अंडरवियर के ब्रांड की वजह से छोड़कर चली गयी। संकल्प शर्मा नाम का यह युवक इस घटना से इतना दुखी है कि उसने अपने सारे अंडरवियर जला दिये हैं और अब बिना अंडरवियर पहने ही ज़िंदगी गुज़ार रहा है।

rupa frontline
संकल्प को अब बिल्कुल भी ‘आराम’ नहीं है

नोएडा के सेक्टर-45 में रहने वाले संकल्प और चंचल की लगभग दो साल पहले एक-दूसरे से जान-पहचान हुई, जो बाद में प्यार में बदल गयी। कल दोपहर चंचल उसके फ़्लैट पर आयी हुई थी, जहां से दोनों को शॉपिंग के लिये सेक्टर-18 की अट्टा मार्केट जाना था। संकल्प ने कहा- “तुम दो मिनट बैठो, मैं अभी नहाकर आया।” वो नहाकर बाथरूम से अंडरवियर में ही बाहर आ गया। उसे देखते ही चंचल की चीख़ निकल गयी और वो वहीं बेहोश होकर गिर पड़ी।

आधे घंटे बाद किसी तरह होश में आयी और होश में आते ही बिना कुछ बोले वहां से चली गयी। थोड़ी देर बाद व्हॉट्सएप पर उसका मैसेज आया, जिसमें लिखा था- “इट्स ओवर…यू रूपा फ्रंटलाइन मैन! निक्कर तो क्या, अब मैं तुम्हारी शक्ल भी नहीं देखना चाहती!” बस तभी से संकल्प कच्छे जला रहा है।

मामले की तह तक जाने के लिये फ़ेकिंग न्यूज़ के संवाददाता ने जब चंचल से बात करने की कोशिश की तो उसने साफ़ इनकार कर दिया। “मुझे सारी मर्द जात से नफ़रत हो गयी है!” -कहकर उसने दरवाज़ा बंद कर दिया। हालांकि, उसकी दोस्त काजल कैमरे के सामने आने को तैयार हो गयी। घटना की सिलसिलेवार जानकारी देते हुए काजल ने बताया कि “चंचू (चंचल का प्यार का नाम) ने सपने में भी नहीं सोचा था कि संकल्प का ड्रेसिंग सेंस इतना ‘चीप’ होगा।”

“रूपा फ्रंटलाइन!” -कहकर उसने नाक पर ऐसे हाथ लगाया, जैसे गाज़ीपुरी मंडी के पास से गुज़र रही हो। “इट्स सो अनकूल! आई मीन! उसे शर्म नहीं आयी ऐसा कच्छा पहनते हुए। ‘जॉकी’ नहीं तो कम से कम ‘वीआईपी’ ही पहन लेता।” -तभी उसके मोबाइल पर संकल्प का फ़ोन आ गया। उसने “मिस्टर फ्रंटलाइन, चंचू यहां पे नहीं है” कहकर फ़ोन काट दिया।

उधर, इस ‘कच्छा-कांड’ की ख़बर पूरे शहर में जंगल में आग की तरह फैल गयी है। इसे सुनते ही नोएडा में सैंकड़ों युवक अंडरगारमेंट्स की दुकानों में घुसते देखे गये हैं। अब वे भी अपनी लव-लाइफ़ को बचाने के लिये अपना ब्रांड बदल रहे हैं। उनका मानना है कि “जहां मोबाइल पे और बाइक के पेट्रोल पे इतने रुपये खर्च होते हैं, वहां सौ-दो सौ और सही!”



ऐसी अन्य ख़बरें