Friday, 24th November, 2017

चलते चलते

किन्नरों ने भी 500-1000 के नोट लेने से किया इनकार, शादी पर लेंगे क्रेडिट कार्ड से पेमेंट

11, Nov 2016 By Pagla Ghoda

नई दिल्ली. किन्नर एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि वो शादी-ब्याह पर कैश के बजाय अब क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड से ही पेमेंट स्वीकार करेंगे। और कार्ड में प्रॉब्लम हुई तो डिजिटल वॉलेट भी चलेगा। इतना ही नहीं, जो लोग एक बारी में केवल सौ-सौ के नोटों में इतने बड़े पेमेंट ना कर पाएं, उनके लिए EMI से भुगतान का ऑप्शन भी रहेगा।

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दुग्गल साब के बेटे की शादी में चंपा जी एवं उनकी मंडली

चावड़ी बाजार सर्किल के ‘किन्नर रेवेन्यू डिपार्टमेंट’ के प्रमुख सुरेश उर्फ़ चंपा ने हमारे रिपोर्टर को बताया, “देखिये, हम तो वैसे भी काफी एडजस्टिंग टाइप के लोग हैं। लोग शादी में इक्कीस हज़ार के बजाय अगर उन्नीस हज़ार भी देते हैं तो हम छोड़ देते हैं कि चलो पोता होने पे बाकी के दो निकाल लेंगे। कुछ गरीबों की शादी में तो हम ख़ुद सौ-सौ के एक-दो पत्ते दूल्हा-दुल्हन पे वार के आ जाते हैं, कसम से! अब पिराइम मनीस्टर जी ने पांच सौ और हज़ार के नोट बंद कर दिए तो हमारे इस मुए पेट पे लात ना पड़े, इसलिए हमने तो पॉइंट ऑफ़ सेल डिवाइस मंगवा लिए हैं। किन्नर मण्डली जाएगी, पैसे पे मांडवली करेगी, क्रेडिट कार्ड स्वाइप होगा, उसके बाद ही मंडली डांस करेगी और दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद देगी। सच्ची कह रयी हूं, हां!”

जब चंपा जी से पूछा गया कि क्या चेक द्वारा पेमेंट करने की सुविधा होगी तो चंपा जी भड़क उठीं। उन्होंने कहा, “हाय हाय करमजलों, अपने इस चेक को तो दूर ही रखो! बाद में बाउंस हो जाते हैं कमबख्त कलमुहें! एनुअल किन्नर मीटिंग में रेवेन्यू का हिसाब किताब तो हमें ही देना पड़ता है न! चेक नहीं, हाँ लेकिन अगर कोई पार्टी क्रेडिट कार्ड से भी ज़्यादा पैमेंट न कर पाए तो उनके लिए आसान EMI का प्रावधान भी है। छह EMI बनवा लो या बारह। हमारे कलेक्शन वाले मुस्टण्डे लोग हर महीने के पहले सनीचर को आएंगे कलेक्शन के लिए। उसमे किसी ग्राहक को पैसे देने में कोई कब्ज पेचिश हुई तो फिर हमें आता है निकलवाना पैसा ऊँगली टेढ़ी करके!” चंपा जी ने हमारे रिपोर्टर की नज़र उतारते हुए कहा।

पांच सौ और हज़ार के नोट बंद होने की वजह से जहाँ सभी बिज़नस अपने ग्राहकों के लिए कुछ न कुछ सुविधाएं निकाल रहे हैं, वहीं किन्नरों का ये कदम भी सराहनीय माना जा रहा है। प्रीत विहार के दुग्गल साहब जिनके बेटे के फेरों के टाइम पे कल रात किन्नर आ धमके थे और उनका क्रेडिट कार्ड नहीं चल रहा था, उन्होंने EMI फैसिलिटी का लाभ उठाया है। उन्होंने कहा, “देखिये जी, बेटा हमारा न्यूयॉर्क में काम करता है ना तो उस हिसाब से हिजड़ों ने इक्यावन हज़ार की बोल लगाई थी। हमने कहा पांच सौ-हज़ार के नोटों में ले लो, क्योंकि सौ-सौ के तो इतने रखता नहीं कोई। मेरे बेटे का यूएसए का क्रेडिट कार्ड इनके pos डिवाइस में चल नहीं रहा था। इसलिए हमने तो चौबीस महीने की EMI बनवा ली है। पहली EMI तो वो उसी समय सौ-सौ के नोटों में ले गए। बाकी अब हर महीने कुछ ढाई हज़ार बैठता है, जो उनके एजेंट लेने आएंगे, मैं अपनी पेंशन में से दे दूंगा, एक बारी में पूरा भार नहीं पड़ेगा ये अच्छी बात है।”



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