Sunday, 20th August, 2017

चलते चलते

बिहार में दारू बंद होने से अंग्रेजी बोलने वालों की संख्या में आई गिरावट

24, Apr 2016 By Ritesh Sinha

पटना-  बिहार में हर पान की दूकान, बस या फिर लोकल ट्रेन में शौकिया अंग्रेजी बोलने वालों की भरमार होती थी, खासकर शाम पांच बजे के बाद तो कई लोग हिंदी बोलना अपने शान के खिलाफ समझते थे।लेकिन जब से बिहार में शराबबंदी लागू की गई है, तब से बिहार में अंग्रेजी बोलने वालों की संख्या तेज़ी से घट रही है। एक सर्वे में खुलासा हुआ है की जिस दिन से दारू पर प्रतिबन्ध लगाया गया है, तब से कोई भी आदमी पान की दूकान पर अंग्रेजी बोलते हुए नहीं पाया गया है। इस घटना से “अंग्रेजी बचाओ समिति” के सदस्य काफी नाराज़ हो गए हैं।

English speaking course
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ऐसे ही एक शौकिया अंग्रेजी बोलने वाले शख्स गुमान सिंह ने बताया, “जब भी मैं ठेके से निकलता था, पता नहीं कहाँ से मेरे अन्दर अंग्रेजी घुस जाती थी, और मैं बेधड़क अंग्रेजी बोलने लगता था, दिन भर का टेंशन शाम को “टेंस” के रूप में निकलता था, एक बार तो मैंने नशे में एक चार मंजिला बिल्डिंग को खरीद लिया था, बाद में जब मैंने अपनी जेब में हाथ डाला तो उसमे सिर्फ चार रूपए थे, मैंने तुरंत डील कैंसल कर दिया नहीं तो मैं चखना कहाँ से खरीदता।”

जानकारों का मानना है की ये सब अंग्रेजी दारू के बंद होने के कारण हुआ है जैसे ही अंग्रेजी पर बैन लगा, लोगों की जुबान पर भी बैन लग गया, और वो अंग्रेजी बोलना भूल गए।

वहीँ इस खबर से पान दूकान वालों में ख़ुशी फैल गई है, ऐसे ही एक पान वाले “कपरी यादव” ने बताया, “मैं शाम को अपने पान ठेले में अंग्रेजी बोलने वालों से बहुत परेशान था, कई बार तो लगता था की इसके मुंह में सुपारी डालकर इसके नाक को सरोते से चपक दूं, लेकिन हर बार ग्राहक को भगवान् का रूप समझकर मैं सबको झेल जाता था, हाँ, पिछले कुछ दिनों से मैं बेहद खुश हूँ, अब मेरी दूकान में खटारा अंग्रेजी बोलने वाले लोग कम ही आते हैं”

कांग्रेस ने नितीश कुमार पर गंभीर आरोप लगाया है और कहा है की नितीश कुमार, भाजपा के साथ मिले हुए हैं और जानबूझकर अंग्रेजी बोलने वालों को परेशान कर रहे हैं। भाजपा हमेशा से हिंदी को सब पर थोपना चाहती है। कोई आदमी अगर पीने के बाद अंग्रेजी बोलने लगता है तो इसमें नितीश कुमार और मोदी का क्या जाता है? इसलिए हम मांग करते हैं की कम से कम अंग्रेजी दारु पर से बैन हटाया जाए ताकि बिहार के लोग भी पीने के बाद अंग्रेजी बोलने का आनंद उठा सकें।”



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