Friday, 24th November, 2017

चलते चलते

कबाड़ी की आवाज़ से 12 बजे से पहले जाग गया इंजीनियरिंग स्टूडेंट, दोनों पक्षों में बवाल

18, Apr 2017 By बगुला भगत

ग्रेटर नोएडा. शहर के राधेश्याम गर्ग इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट (RGEI) के छात्रों और कबाड़ी के बीच आज भयंकर मारपीट हो गयी। आरोप है कि कबाड़ी की आवाज़ से इंस्टीट्यूट के छात्रों की नींद टूट गयी, जिसकी वजह से उनके बीच गाली-गलौज शुरु हो गयी। देखते ही देखते उसने झगड़े का रूप ले लिया। पुलिस ने किसी तरह ले-लेकर मामला शांत कराया। इलाक़े में फिलहाल शांति है लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस ने मारपीट के आरोपी छात्र और कबाड़ी दोनों को थाने में बिठा रक्खा है।

Engineering Student
लैपटॉप पर मेहनत के बाद थककर सोता सात्विक

जानकारी के मुताबिक, नीलकंठ सोसायटी में बहुत सारे इंजीनियरिंग स्टूडेंट रहते हैं। उन्हीं में से एक मैकेनिकल इंजीनयरिंग का प्रतिभाशाली छात्र सात्विक पांडे है। सात्विक ने रोज़ की तरह अपने दोस्त प्रशांत के रूम पर जाकर मैक्डॉल्स नंबर वन का सोडा वगैरह पिया। फिर अपने रूम पर वापस लौटकर लैपटॉप और मोबाइल पर ‘स्टडी मैटेरियल’ भी देखा। इतनी मेहनत करने के बाद 4 बजे के आसपास उसकी आंख लगी थी। लेकिन पप्पू कबाड़ी की वजह से उसकी नींद टूट गयी।

“इंजीनियरिंग स्टूडेंट का सबसे बड़ा दुश्मन कबाड़ी होता है। बड़ी मुश्किल से 4-5 बजे जाकर तो हमें नींद आती है। फिर सुबह-सुबह इनकी चिल्ला-चिल्ली शुरु हो जाती है। इसके बाद क्या हम उसकी पूजा करें!” -सात्विक के रूममेट विशाल ने हमारे रिपोर्टर को बताया।

फिर वो बीयर की एक खाली बोतल को दिखाते हुए बोला- “इन बोतलों के चक्कर में ये हमारे फ्लैट के सामने एक घंटे तक आवाज़ लगाता है। जैसे विजय माल्या का सारा माल हमीं पी रहे हैं। साले ने सारी सोसायटी में पब्लिसिटी कर रखी है।”

ख़बर लिखे जाने के समय छात्र विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी मांग है कि दोपहर 12 बजे से पहले किसी कबाड़ी वाले या सब्ज़ी वाले को हमारी सोसायटी में ना घुसने दिया जाये।

उधर, राजनीतिक दलों ने मामले को सांप्रदायिक रंग देना शुरु कर दिया है। कांग्रेस जहां छात्रों की गिरफ़्तारी की मांग कर रही है तो वहीं, बीजेपी आरोपी कबाड़ी को जेल भेजने की मांग कर रही है। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि वो कबाड़ी हिंदू पप्पू है या मुस्लिम पप्पू!



ऐसी अन्य ख़बरें