Wednesday, 23rd August, 2017

चलते चलते

कंपनी एचआर को शाम सात बजे तक काम करता देख बेहोश हुए कर्मचारी

22, Mar 2017 By ANKIT SHARMA

बैंगलोर. दुनिया भर की कंपनियों के एचआर के बारे में हमें बहुत सी बातें सुनने को मिलती हैं। जैसे- ‘जो सुबह की आख़िरी बस से ऑफिस आये और शाम की पहली बस से निकल जाये तो समझो कि वो एचआर का बंदा है’ या ‘कोयले हर जगह काले होते हैं’ इत्यादि। लेकिन इलेक्ट्रॉनिक सिटी बैंगलोर स्थित एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के एचआर की एक बंदी ने इन सब बातों को ग़लत सिद्ध कर दिया है। उसने शाम सात बजे तक काम करके पूरे ऑफ़िस जगत में खलबली मचा दी है। इस कंपनी के सॉफ्टवेयर इंजीनियर रोहित ने यह जानकारी फ़ेकिंग न्यूज़ को दी है।

The Office
एचआर को काम करता देख जोश में भरे कर्मचारी

रोहित (24) का कहना है कि “मैं हमेशा से नाईट शिफ्ट में आता हूँ। जब मैंने कल शाम सात बजे अपना कंप्यूटर चालू किया तो एचआर सुपर्णा को ऑनलाइन देख मेरी आँखें फटी की फटी रह गयीं। पहले तो मुझे अपनी आँखों पर विश्वास ही नहीं हुआ। फिर मैंने सोचा क्यों ना खुद एचआर के क्यूबिकल में जाकर देखूँ। तो जब मैं वहाँ पहुँचा तो देखा कि एचआर सुपर्णा ना सिर्फ अपने क्यूबिकल में मौजूद थी बल्कि काम भी कर रही थी। देखते ही देखते उसके दर्शनों के लिए नाइट शिफ्ट में आने वाले कर्मचारियों की भीड़ जमा हो गयी क्योंकि लोग एचआर को सामान्यतः अपने कंपनी के आख़िरी दिन ही देख पाते है। यह दृश्य देखकर हमारे कई कुलीग गश खाकर गिर पड़े।”

सपोर्ट प्रोजेक्ट में काम करने वाले कर्मचारी राजीव का कहना है कि “एचआर को काम करता देख मुझे और अधिक काम करने की प्रेरणा मिली है। मैं अब से पूरी नाइट शिफ्ट करूँगा। होली का दिन हो या दिवाली की रात, जब भी एक्सेल शीट बनाने के लिए मुझे बुलाएँगे, मैं आ जाऊंगा।”

उधर, यह ख़बर सुनने के बाद कंपनी के बाकी एचआर वाले सुपर्णा पर भड़के हुए हैं। उनका मानना है ऑफिस में लेट तक रुकना एक गलत संस्कृति को बढ़ावा देता है, फिर बाकि लोगों से भी देर तक रुकने की उम्मीद की जाती है। वहीं, इस पूरी घटना पर सुपर्णा ने सफ़ाई देते हुए कहा है कि “अगले दिन हम ऑफिस में रंगोली प्रतियोगता का आयोजन करने वाले थे जिसके चलते पहली रंगोली बनाने के लिए मुझे रुकना पड़ा। वरना सात बजे तक तो मेरे फ़रिश्ते भी ना रुकें!”



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