Sunday, 22nd April, 2018

चलते चलते

डॉक्टर ने साफ़ हैंडराइटिंग में लिख दिया दवाई का पर्चा, छिन गई MBBS की डिग्री

13, Apr 2018 By बगुला भगत

ग़ाज़ियाबाद. शहर के एक नामी-गिरामी अस्पताल के डाक्टर को हैंडराइटिंग की वजह से अपनी एमबीबीएस की डिग्री से हाथ धोना पड़ गया। डॉक्टर का कसूर सिर्फ़ इतना था कि उसने मरीज को दवाई का पर्चा बहुत साफ़ हैंडराइटिंग में लिखकर दे दिया था।

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असली डॉक्टर की हैंडराइटिंग तो ऐसी होती है

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कवि नगर में रहने वाली सोमवती पेट में गैस का दर्द होने पर आनंद अस्पताल पहुंची थी। वहां ओपीडी में बैठे डॉक्टर कुंवर विश्वास ने उसके पेट की जांच की और पर्चे पर कुछ दवाईयाँ लिखकर दे दीं। सोमवती ने घर लौटकर वो पर्चा अपने पति सोमपाल को थमा दिया। पर्चा देखते ही सोमपाल को चक्कर आ गया। पर्चे में दवाइयों के नाम बिल्कुल साफ़ हैंडराइटिंग में लिखे हुए थे। इतने साफ़ कि कोई बच्चा भी पढ़ ले। दवा कब-कब और कितनी लेनी है, सब कुछ साफ़ समझ में आ रहा था।

सोमपाल को शक हो गया कि उसकी पत्नी अस्पताल के बजाय कहीं और गयी थी। उसने बच्चों के सर पे उसका हाथ रखवाकर पूछा, “सच बता, कहां गयी थी? किससे लिखवाकर लायी है ये पर्चा?” सोमवती ने बच्चों की क़सम खाकर कहा कि वो डॉक्टर के पास ही गयी थी। अब सोमपाल को पक्का यक़ीन हो गया कि ज़रूर वो कोई फ्रॉड डॉक्टर है।

उसने पड़ोसियों को बुलाया और अस्पताल पर धावा बोल दिया और डॉक्टर को एक कमरे में बंधक बना लिया। अस्पताल के सफ़ाई कर्मचारियों ने आधे घंटे बाद उन्हें बड़ी मुश्किल से छुड़ाया। अस्पताल में तोड़फोड़ करने वाले एक ग़ुस्सैल युवक ने हमारे संवाददाता को वो पर्चा दिखाते हुए कहा, “कोई एमबीबीएस डॉक्टर ऐसे लिखता है क्या? साला ढोंगी…झोलाछाप!”

इस घटना के बाद, इंडियन मेडिकल काउंसिल (आईएमसी) ने डॉक्टर विश्वास का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है और उनकी एमबीबीएस की डिग्री की जांच के आदेश दे दिये हैं। आईएमसी के अध्यक्ष सुखचैन सिरिंजवाला ने कहा, “मेडिकल की पांच साल की पढ़ाई में से एक साल सिर्फ़ ख़राब हैंडराइटिंग की प्रैक्टिस करायी जाती है। अगर फिर भी कोई डॉक्टर साफ़ लिखता है तो इसका मतलब है कि उसने कहीं से फ़र्ज़ी डिग्री ली है।”

इस बीच, डॉक्टर विश्वास के परिवार वाले उनकी एमबीबीएस की डिग्री और बाक़ी सारे सर्टिफिकेट्स लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास गुहार लगाने पहुँच गये हैं। उधर, डॉक्टर अपने ही अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं, जहां उनकी हालत ख़तरे से बाहर बताई जा रही है।



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