Tuesday, 28th March, 2017
चलते चलते

तीन दिन मे ही चिंटू से 500 रु. उधार ले चुके हैं उसके पापा, अब चिंटू को सता रहा है पैसे डूबने का डर

11, Nov 2016 By Ritesh Sinha

रायपुर. देश में 500 और 1000 के नोट बंद हो जाने के बाद अब घर चलाने का सारा बोझ बच्चों के कंधों पर आ गया है। अब बच्चे ही अपने गुल्लक में से पैसे निकाल-निकालकर घर वालों की मदद कर रहे हैं। अकेला चिंटू ही अपने पापा को अब तक 500 रुपये की उधारी दे चुका है। पहले तो चिंटू ने अपने गुल्लक से पैसे निकालने से मना कर दिया था लेकिन जब उसके उसके पापा ने वादा किया कि दो-चार दिन में ही वो उसके सारे पैसे लौटा देंगे, तो चिंटू ने पैसे दे दिए।

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अपने गुल्लक से पापा को उधारी देता चिंटू

चिंटू ने देखा कि तीन दिन में ही उसके गुल्लक से धीरे-धीरे 500 रु. खर्च हो गए। घबराकर चिंटू अपनी स्कूल की डायरी में सारा हिसाब नोट करने लगा। वो हर रोज़ शाम को पापा से अपने पैसे वापस मांगता है लेकिन वो कुछ ना कुछ बहाना बनाकर उसे टरका देते हैं। अब चिंटू को अपने पैसे डूबने का डर सताने लगा है। उसे लगता है कि उसके पापा की नीयत मे खोट आ गया है और वो उसके पैसे मार लेना चाहते हैं।

इसलिये चिंटू ने आज सुबह उठते ही अपने पापा को अल्टीमेटम दे दिया, “पापा! अगर शाम तक आपने मेरे पैसे नहीं लौटाए तो आज से उधारी देना बंद! और हाँ! शाम के बाद आपको ब्याज भी देना पड़ेगा।”

चिंटू की इस धमकी से उसके मम्मी-पापा के होश उड़ गए। चिंटू के पापा ने उसे पुचकारते हुए कहा- “दे दूंगा बेटा! तुम्हारे सारे पैसे दे दूंगा, थोड़ा धीरज रखो। अभी ATM से पैसे निकलने में प्रॉब्लम चल रही है ना! बस एक बार ATM में पैसे आ जायें तो मैं तुम्हारे सारे पैसे लौटा दूंगा। तब तक तो बेटा हमें तुम्हारे गुल्लक का ही सहारा है।”-कहते हुए चिंटू के पापा ATM की लाइन में लगने के लिए लंच बॉक्स लेकर निकल पड़े।

चिंटू के पड़ोसियों का कहना है जब से उसने घर में पैसे देना शुरू किया है तभी से उसने सीना तानकर चलना शुरू कर दिया है। उनका यह भी कहना है कि अपने घर का खर्चा चलाने वाला चिंटू अकेला बालक नहीं है बल्कि गुन्नू, पिंटू, रिंकू और शीबू भी पिछले तीन दिनों से अपने मम्मी-पापा की गृहस्थी का सारा बोझ उठा रहे हैं।



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