Saturday, 23rd September, 2017

चलते चलते

बाद में देख लेने की धमकी देकर वापिस नहीं लौटा कस्टमर; दुकानदार ने किया मानहानि का मुकदमा

07, Oct 2016 By चीखता सन्नाटा

भटिंडा. मुहल्ले के किराने वाले दयाल सिंह को नहीं पता था कि उनका वर्षों पुराना ग्राहक उनके विश्वास का गला घोंटकर फरार हो जाएगा। हुआ यूं कि हमेशा अपने पुराने ग्राहक राम सिंह को 100 ग्राम खुले नमक की जगह 80 ग्राम नमक देने वाले दुकानदार दयाल सिंह पहली बार गलती से राम सिंह को पूरा 100 ग्राम नमक दे बैठे। इस बात पर राम सिंह भड़क गया। दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो बढ़ते-बढ़ते गाली-गलौज पर जा पहुंची। जब तक आस-पास के दुकानदार बीच-बचाव करते, तब तक राम सिंह दयाल सिंह को भरे बाजार में बाद में देख लेने की धमकी देकर जा चुका था।

Shopkeeper
रिश्तेदारों के साथ राम सिंह का इंतज़ार करते दयाल सिंह

झगड़े के बारे में बताते हुए दयाल सिंह ने कहा कि “इतने सालो में पहले बार किसी ग्राहक से देख लेने की धमकी मिली थी। इस अचानक मिली इज्जत से मैं फूला नहीं समा रहा था। मैंने जब अपने घरवालों को इस बारे में बताया तो उन्हें भी यकीन नहीं हुआ। दोपहर होते-होते मेरे सारे रिश्तेदार इस ऐतिहासिक घटना को अपनी आँखों से देखने के लिए मेरी दुकान पर पहुँच गए।”

“हम सभी आरती की थाली लिये दिन भर राम सिंह का इंतजार करते रहे। यहाँ तक कि दोपहर को रोटी खाने के लिए घर जाने से पहले मैंने अपने बेटे को ‘धमकी-देने-वाले-अंकल’ के आते ही उनका आदर सहित पूरा ध्यान रखने के लिए कहा। लेकिन वो तो रात के 10 बजे तक नहीं आया।” -कहते हुए दयाल सिंह रुआंसे हो गये।

दयाल सिंह की इकलौती पत्नी ने हमें बताया कि शाम को जब ‘धमकी-देने-वाले-भाईसाब’ नहीं आए तो पप्पू के पापा का सब्र का बांध टूटने लगा। उन्होंने राम सिंह को कई बार फोन लगाया लेकिन उन्होंने एक बार भी फोन नहीं उठाया। इसके बाद दयाल सिंह के कई रिश्तेदारों ने राम सिंह के घर जाकर उन्हें मना कर उसे दयाल सिंह को देख लेने के अपने वादे की याद दिलाई। लेकिन राम सिंह ऐन मौके पर अपनी बात से मुकर गया और दयाल सिंह को एक बार भी ‘देखने’ नहीं आया।”

अपने सारे रिश्तेदारों के सामने अपनी बेइज्जती दयाल सिंह जैसे उसूलों वाले आदमी से बर्दाश्त नहीं हुई और सुबह होते-होते उसे हार्ट अटैक आ गया। अस्पताल जाने के दौरान उसने पुलिस थाने के सामने अपनी एम्बुलेंस रुकवाकर रिपोर्ट दर्ज कराई और फिर अपने वकील से मुलाकात करके राम सिंह पर 10 करोड़ का मान हानि का मुकदमा दायर किया।

स्थानीय लोग भी इस मामले को लेकर खासे रोष में है। इस मामले में राम सिंह के खिलाफ अलग-अलग थानों में कुल 10 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, महिला उत्पीडन, दलित प्रताड़ना, फरेब, जालसाजी वगैरह-वगैरह के करीब 23 मामलों में पुलिस राम सिंह की तलाश कर रही है। अंतिम रिपोर्ट लिखे जाने तक राम सिंह फरार बताया जा रहा है।



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