Friday, 24th November, 2017

चलते चलते

जब कॉलेज पहुंचा युवक तो बाइक की हेडलाइट थी ऑन: लडकियां हंसीं, शाम को फूट-फूटकर रोया युवक

26, Nov 2016 By Ritesh Sinha

रायपुर. आयुष शर्मा, राजकुमार कॉलेज में B.A. अंतिम वर्ष का एक होनहार छात्र है। इन तीन सालों में आयुष ने कॉलेज में अपनी ख़ास जगह बना ली थी। अपने ख़ास लुक के कारण आयुष को सारा कॉलेज जानता था। कॉलेज में चाहे कोई भी फंक्शन हो आयुष उसमे बढ़ चढ़कर हिस्सा लेता। लेकिन एक गलती की वजह से आयुष की बरसों की मेहनत पर पानी फिर गया और उसे शर्म से पानी पानी होना पड़ा। हुआ यूँ  कि कल जब आयुष अपने कॉलेज पहुंचा तो उसकी बाईक का हेडलाइट ऑन थी। क्लास लगने में थोड़ी देर थी तो आयुष ‘हेडलाइट ऑन’ वाली बाइक को ही पूरे कैंपस में घुमाता रहा। ये देखकर कॉलेज की सभी लड़कियां हँसने लगी।

फूट फूटकर रोता आयुष
फूट फूटकर रोता आयुष

लड़कियों को हँसता हुआ देखकर आयुष का हौसला और भी बुलंद हो गया, उसे लगा कि शायद लड़कियां उसके जलवे से इंप्रैस होकर हँस रही हैं। कुछ लड़कों ने आयुष को इशारा करके बताया भी कि तुम्हारे बाईक का हेडलाइट ऑन है लेकिन आयुष ने ध्यान ही नहीं दिया। ऊपर से आयुष ने अपने कान में इयरफोन भी लगा रखा था, जो नीम में करेले का काम कर रहा था। आयुष इन सब से बेपरवाह अपनी बाईक लगातार इधर से उधर दौड़ाता रहा। तभी आयुष का ख़ास दोस्त पीयूष कॉलेज पहुंचा। उसने देखा कि कॉलेज की सभी लड़कियां उसके दोस्त पर हँस रहीं हैं। अपने दोस्त की बेईज्ज़ती देखकर उससे रहा नहीं गया, वो तुरंत आयुष के पास पहुंचा और उसे सारा माजरा समझा दिया।

आयुष को जैसे ही पता चला कि लोग उसके स्टाइल पर नहीं बल्कि बाईक के हेडलाइट पर हँस रहे हैं तो आयुष शर्म से पानी-पानी हो गया। उसे कुछ समझ नहीं आया कि अब वो क्या करे। आयुष क्लास जाने के बजाय सीधे अपने घर आ गया और इस घटना को याद करके फूट-फूटकर रोने लगा। थोड़ी देर बाद उसने अपने पापा को खूब खरी खोटी सुनाई- “क्या पापा! आप कल मेरी बाईक ले गए थे और देर रात घर वापस आए। घर आते ही हेडलाइट बंद कर देना चाहिए था ना! फालतू में मेरी बेइज्जती हो गई।” आयुष ने उसी वक़्त कसम खाई कि अब वह हेडलाइट चेक करके ही बाईक कॉलेज ले जाएगा।



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