Friday, 24th February, 2017
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बोर्ड एग्जाम की डेटशीट आते ही देवलोक में मचा हड़कंप, चढ़ावों की आयी बाढ़

15, Jan 2017 By Pandey Nikkhil

देवलोक. बोर्ड्स की परीक्षाएं नजदीक आते ही बच्चों और उनके अभिभावकों का चिंतित होना तो स्वाभाविक है लेकिन अगर इन परीक्षाओं की वजह से देवलोक में भी हड़कंप मच जाये तो यह बेहद आश्चर्य की बात होगी। जब से बोर्ड एग्जाम की तारीख़ों का एलान हुआ है, तभी से देवलोक में भी भारी चिंता का माहौल बना हुआ है। समस्त प्राणी-जगत के लिये यह एक रहस्य और चिंता का विषय है।

date sheet
यही है वो देवलोक में हड़कंप मचाने वाली डेट शीट

इस रहस्य की पड़ताल के लिए जब हमारे संवादाता स्वर्गीय गोपाल जी ने कुछ देवताओं से बात की तो पता चला कि यह चिंता परीक्षा को देखते हुए देवलोक में पृथ्वी से आने वाले सिफारिशों और चढ़ावों में होने वाले वृद्धि से बढ़ी है। हमे ये भी पता चला है कि इन करोड़ों सिफ़ारिशों की वजह से देवलोक में एक बार फिर से ‘सिफारिश विभाग’ से अलग एक ‘परीक्षा सिफारिश विभाग’ के गठन की मांग बढ गयी है। हालांकि देवताओं के राजा इंद्रदेव ने एक रिटायर्ड जजों की समिति बना कर इस समस्या की जल्द से जल्द जाँच कराने के आदेश दे दिये हैं।

‘चढ़ावा विभाग’ के एक जूनियर देवता ने नाम ना बताने कि शर्त पर ये खुलासा किया कि “पिछले कई सालों से महंगाई की वजह से भारत से आने वाले चढ़ावे में काफ़ी कमी आयी है। इस महँगाई की वजह कुछ लोग कांग्रेस को बता रहे थे पर देखने में ये आया कि भाजपा के शासन में भी वही हाल था। उन्होंने आगे कहा कि हमने कुछ भाजपाई लोगों, जिन्हें प्यार से ‘भक्त’ कहकर पुकारा जाता है, से यह सुनने को मिला कि एक या दो साल में भाजपा अचानक से सब कुछ सही नही कर सकती ना!”

“हालांकि हमने इनको ‘भक्त’ बोले जाने पर भी आपत्ति जाहिर की है और ये मामला अभी हमारे देव-न्यायालय में चल रहा है।” जब हमारे संवादाता ने पूछा कि “फिर ये एग्ज़ाम वाली चिंता अचानक इस बार ही क्यों हुई?” इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि “हमने सुना है कि पृथ्वी लोक पर ‘नोट-बंदी’ जैसा कोई चमत्कार हुआ है। लोग मानते हैं कि इससे वहां आतंकवाद, भ्रष्टाचार और कालाधन जैसे समस्याओं के साथ-साथ महँगाई में भी कमी आयेगी और जब महँगाई कम होगी तो चढ़ावे भी तो ज्यादा आएंगे और उन चढ़ावों को रखने के लिये अभी हमारे पास पर्याप्त जगह नही है।”

उन्होंने आगे कहा कि “सुनाने में आ रहा है कि इस “नोट-बंदी” से ज़मीन के दाम भी कम होंगे इसलिये हम भविष्य के लिए कुछ गोदाम खरीदने पर भी विचार कर रहे हैं। चढ़ावे में चीनी की मात्रा ज्यादा होने के कारण हमें अब डाइबटीज होने की भी चिंता हो रही है।”

उधर, हर बार की तरह इस बार भी गुप्ता जी भगवान से ये सिफारिश करते हुए पाये गये कि इस बार उनका लड़का अगर शर्मा जी के लड़के से ज्यादा नंबर ले आया तो वो हनुमान जी को सवा किलो लड्डू का भोग लगाएंगे, जबकि शर्मा जी 5 किलो बेसन के लड्डू गणेश जी को चढ़ाने की मन्नत मंगाते हुए नज़र आये।



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