Sunday, 25th February, 2018

चलते चलते

लड़की पटाने के लिए आई-ब्रो उठाने का घंटों अभ्यास करते युवक की आँखों की पसलियों में आया खिंचाव

12, Feb 2018 By Pagla Ghoda

साक़ीनाका, मुंबई. ग्यारहवीं कक्षा के छात्र मोनीश मूर्खारी उर्फ़ मोनू की आँखों की पसलियों में तब भयंकर खिंचाव आ गया, जब कई घंटों तक उसने अपनी आइब्रो तिरछी कर उठाने की प्रैक्टिस की पर नाकाम रहा। मोनीश के मित्र जेम्ज़ वल्लवर के अनुसार मोनीश की ये हरकत हाल हाई में वायरल हुए एक वीडियो से प्रेरित है, जिसमें एक लड़का और लड़की एक दूसरे को आँखों से अजीबो-ग़रीब इशारे करते हैं, और अंत में लड़की लड़के को आँख मार डालती है, जो कि स्कूल-कॉलेज के छात्रों के अनुसार लड़की के पूर्ण रूप से पट जाने का संकेत है।

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इस लड़की की वजह से हुआ ये ‘आईब्रो’ हादसा

डाइट कोक सिप करते हुए जेम्ज़ ने बताया, “यार मोनीश ना सुनयना नाम की किसी क्लास टेन्थ की लड़की पे जान छिड़कता है, पर वो ना इसको घास भी नहीं डालती। अब इसने कितनी बार उसको कैंटीन से बत्तीस रुपए वाला चिकन पफ़ गिफ़्ट किया है, पर वो फिर भी इससे पट नहीं रही। बट कल जबसे इसने ये वाला वीडियो देखा ना, तो इसको लगा के बस सुनयना को पटाने का अब यही तरीक़ा है, के आँखों के इशारे करो बड़े बड़े!”

“तो इसने कल शाम को छह घंटे बैठ के प्रैक्टिस की। अब भाईसाब जी ये हरेक के बस की बात तो है नहीं ना! मैंने बहुत समझाया के बेटे लाल बस करो, चोट चाट लग जाएगी, पर हमारे क्रूक-बॉन्ड बाज़ नहीं आए। और प्रैक्टिस करते-करते एक बारगी इसने भौं इतनी ज़ोर से ऊपर उठाई की पसली में मोच आ गयी। वो तो शुक्र है के इसकी मॉम घर पे थी, जो इसको तुरंत वो फ़िल्म स्टारों वाले हॉस्पिटल ले गयी और इसकी जान बच गयी।”

मोनीश की मॉम सपना मनचंदा मूर्खारी, मोनीश की हरकत से काफ़ी ख़फ़ा हैं। अपने आइ-ग्लास अडजस्ट करते हुए उन्होंने बताया, “I don’t understand kids these days! बेसिक कॉमन सेन्स की भारी कमी है इन बच्चों में। हमने कैसे इन्हें नाज़ों से पाला है। एक खरोंच तक नहीं आने दी। और ये बच्चे इश्क़-महोब्बत के चक्कर में ख़ुद की जान लेने पर आमादा हैं। एक बार ये ठीक हो के घर तो आए, इसके डैड से अच्छे से डाँट पड़वाती हूँ इसको। और उसके बाद पूरे तीन दिन इसका वाई-फ़ाई बंद, और इसका फ़ोन भी मेरी अलमारी में रहेगा। तब अकल आएगी ठिकाने, और इशकबाज़ी का चक्कर भी ख़त्म होगा।”

जहाँ पूरे देश भर से स्कूली बच्चों की आखों की पसलियों में चोट लगने की ख़बरें आ रही हैं, वहीं अब कुछ सामाजिक संगठन बच्चों की आखों की सेहत का लिहाज़ करते हुए सरकार से इस तथाकथित वायरल वीडियो पर बैन लगाने की माँग भी कर रहे हैं। हालाँकि आमतौर पर फ़िल्मों पर बैन की माँग करने वाला कोई भी संगठन ये तय नहीं कर पा रहा है कि ये वीडियो एक फ़िल्म है या एक विज्ञापन और यदि ये एक फ़िल्म है तो इस पर आख़िर विरोध करें तो किस बात पे करें। वहीं मशहूर फ़िल्म डायरेक्टर विजय रंगीला वैशाली ने एक ट्वीट कर के सभी फ़िल्म विरोधी गुटों को स्पष्ट कर दिया है कि इस वीडियो को बनाने में उनका कोई हाथ नहीं है।



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