Wednesday, 20th September, 2017

चलते चलते

नर्सरी में बेटे के एडमिशन की खुशी में दंपति बेहोश, स्कूल पर एफ़आईआर

07, Apr 2017 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. नर्सरी में एक बच्चे का एडमिशन होने की वजह से एक बड़ा हादसा हो गया। मयूर विहार के फेज-1 में रहने वाले धनंजय मिश्रा के बेटे प्रयास का आज डीपीएस मथुरा रोड में नर्सरी में एडमिशन हुआ था। हादसे के समय धनंजय और उनकी पत्नी सुमति मिश्रा अपने घर पर ही मौजूद थे। दोपहर लगभग दो बजे उन्हें स्कूल से फ़ोन आया कि आपके बेटे का एडमिशन हो गया है। इस ख़बर को सुनते ही दोनों खुशी के मारे बेहोश हो गए, जिससे नाराज़ परिजनों ने डीपीएस स्कूल में जमकर तोड़ फोड़ की और प्रिंसिपल को तुरंत गिरफ़्तार करने की मांग की।

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नर्सरी में एडमिशन के लिये लगी कतार

धनंजय की मां फूलमती मिश्रा ने रोते हुए बताया कि “हमें क्या पता था कि ये खुशी घर पर कहर बनकर टूट पड़ेगी।” पल्लू से नाक साफ़ करते हुए उन्होंने आगे बताया “बेटा धनंजय मेरे पोते चिंटी (प्रयास का घर का नाम) के लिये कई बड़े स्कूलों में ट्राई कर रहा था। वो रोज़ धक्के खाकर लौटता था, कल तो रोते हुए कहने लगा कि लगता है कि हमारे चिंटी का एडमिशन हो ही नहीं पायेगा मम्मी! पता नहीं आज किसके करम से…।” कहते कहते वो फफक पड़ीं।

प्रयास के दादा अखिलेश मिश्रा ने हमारे संवाददाता को बताया कि “चिंटी के पैदा होते ही हमने उसके एडमिशन की तैयारी शुरु कर दी थी। हमारे खानदान में आज तक किसी का एडमिशन डीपीएस जैसे नामी-गिरामी स्कूल में नहीं हो पाया था। इसी वजह से शायद बेटा और बहू इस न्यूज़ को सहन नहीं कर पाए। धनंजय रोज कहता था कि अगर एडमिशन हो गया तो एक बड़ी पार्टी अरेंज करेंगे और सब यार-रिश्तेदारों को इन्वाइट करेंगे।”

इस हादसे के बारे में फेकिंग न्यूज़ ने डीपीएस स्कूल की प्रिंसिपल सिमरन कपूर से बात की, तो उन्होंने सफ़ाई दी कि “हमने तो ऑलरेडी सभी पैरेंट्स को सजेस्ट कर रखा है कि प्लीज, एडमिशन होने पर अपनी फीलिंग्स को कंट्रोल में रखें। हम पेरेंट्स के लिए साइकोलॉजिस्ट्स के स्पेशल ओरिएंटेशन प्रोग्राम्स भी कराते हैं ताकि वे आने वाली सिचुएशन को हैंडल कर सकें।” जब श्रीमति कपूर से पूछा गया कि क्या सभी पेरेंट्स के साथ बेहोश होने का ख़तरा रहता है, तो इस पर उनका कहना था कि “नहीं, सबके साथ ऐसा नहीं होता। ऐसा अक्सर उन्हीं पेरेंट्स के साथ होता है, जिनके परिवार में कभी किसी को डीपीएस जैसे रेपुटेड स्कूल में एडमिशन नहीं मिल पाता।”

अंतिम समाचार लिखे जाने तक धनंजय को होश आ चुका था और वे पार्टी के अरेंजमेंट के लिए मांगेराम हलवाई से बात कर रहे थे।



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