Thursday, 26th April, 2018

चलते चलते

पाँच जनवरी होगी नए साल की बधाई देने की आख़िरी तारीख़, संसद में निर्विरोध पास हुआ बिल

02, Jan 2018 By Guest Patrakar

नयी दिल्ली. नये साल की हार्दिक शुभकामनायें! नया साल का वक़्त ही एक ऐसा वक़्त होता है, जिसमें अकेले से अकेले इंसान का फ़ोन भी दिन में औसतन बीस-तीस बार तो बज ही जाता है। और उसका कारण है नये साल की बधाई भरे संदेश! लेकिन ठहरिए! इस बार आप अपने जान-पहचान वालों को सिर्फ़ पाँच जनवरी तक ही बधाइयाँ दे सकते हैं। उसके बाद नये साल की बधाई देने पर 2500 रुपए तक का चालान हो सकता है। ऐसा हम नहीं , ऐसा तो टेलिकॉम मिनिस्टर रवि शंकर प्रसाद कह रहे हैं।

happy new year
पांच जनवरी के बाद ये सब नहीं चलेगा!

आज सुबह रविशंकर प्रसाद ने यह सूचित करते हुआ कहा “अब आप अपने चहेतों को केवल पाँच जनवरी से पहले-पहले ही नये वर्ष की शुभकामनायें दे सकते हैं। इसके बाद ऐसा करने पर आपका पच्चीस सौ रुपए तक का जुर्माना तथा सज़ा के तौर पर नम्बर बंद हो सकता है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि अब लोगों के विश करने पर पैसे नहीं लगते हैं। इसीलिए वे किसी को और कभी भी उठाकर नये साल की मुबारकबाद देने लगते हैं। इस से सामने वाला व्यक्ति ग़ुस्से में आकर DND यानी डू नॉट डिस्टर्ब फ़ैसिलिटी की दरखास्त हमारे पास भेजता है और भारी मात्रा में ऐसी रिक्वेस्ट आने पर हमारा भी सिस्टम हैंग होने लगता है।”

इस फ़ैसले पर लोगों की मिली जुली प्रतिक्रिया रही। जहाँ एक ओर ऑफ़िस जाने और काम करने वाले लोग इस बात से ख़ुश है, तो वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो सरकार के इस फ़ैसले को लेकर काफ़ी नाख़ुश है।

इनमें से ही एक 55 वर्षीय वेद प्रकाश हैं जो एक व्हॉट्सएप ग्रुप चलाते है। उनका कहना है कि “मैं सरकार के इस फ़ैसले की कड़ी निंदा करता हूँ। मैं एक रिटायर्ड कर्मचारी हूँ और रिटायरमेंट के बाद लोगों को मेसेज कर के ही अपना टाइम पास करता हूँ। अब ऐसे में हम मेसेज नहीं कर पाएँगे तो क्या करेंगे? अब 26 तारीख़ तक इंतज़ार करना पड़ेगा, शायद तभी हम लोगों को 26 जनवरी वाले मैसेज भेजकर थोड़ा-बहुत सुकून मिलेगा”

लेकिन इस से केवल रिटायर्ड अफ़सर ही दुखी नहीं हैं। इस फ़ैसले की गाज उन आशिक़ों पर भी गिरी है, जो त्योहार के बहाने ही सही अपने ‘कृश’ से बात कर पाते हैं। ऐसे ही एक युवक राहुल बैसोया ने हमें अपना दुखड़ा सुनाया। राहुल ने कहा “मैं एक छोरी नै घणा पसंद करूँ सू! पर कदी बात करने की हिम्मत कोन्या हुई। बस या होली दिवाली के बहाने ही उस से हैलो-हाय कर लेता हूँ। इब अगर सरकार इस पै बी रोक लगा देवैगी तो मैं तो बापू के ट्रैक्टर के आगै आ कै खुद की जान दे दूँगा!”

उधर, संसद के शीतक़ालीन सत्र में ये बिल बिना किसी विरोध के पास हो गया। ये एतिहासिक बिल रहा क्योंकि पहली बार किसी बिल को एक भी व्यक्ति का विरोध नहीं झेलना पड़ा। प्रधानमंत्री मोदी ने नये वर्ष की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि “ये ख़ुशी की बात है कि हम नये साल में एक नया बिल पास कर रहे हैं।” आगे प्रधानमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा “मित्रों इस बिल में कोई जीएसटी भी नहीं लगेगा”



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