Friday, 24th November, 2017

चलते चलते

पाकिस्तान के 'मौक़ा मौक़ा' वाले भाईसाब ने ख़ुदकुशी की, 11वीं हार का सदमा नहीं झेल पाये

20, Mar 2016 By बगुला भगत

कराची. पिछले 20 सालों से पाकिस्तानी टीम की जीत की दुआ मांग रहे ‘मौक़ा मौक़ा’ वाले भाईसाब नहीं रहे। भारत के हाथों वर्ल्ड कप में एक और हार मिलते ही इलियास भाई ने पंखे से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पाकिस्तान की जीत की ख़्वाहिश लिये ही वो इस दुनिया से रुख़सत हो गये।

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भगवान इलियास भाई की आत्मा को शांति मौक़ा प्रदान करे

इलियास की मौत की ख़बर से पूरे पाकिस्तान में मातम छा गया है। प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने देश में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित कर दिया है।

इलियास एक सुसाइड नोट छोड़कर गये हैं, जिसमें उन्होंने लिखा है कि “मैं अपनी रॉकेट और अनार की पेटी अपने बेटे इरशाद को सौंपता हूं। मेरे अधूरे काम को अब वो ही पूरा करेगा। जो रॉकेट मैं नहीं चला पाया, उन्हें वो चलायेगा।”

उनकी पत्नी रशीदा ने बेटे के सर पे हाथ फिराते हुए कहा कि “इसके अब्बा बीस साल से बिना नागा किये पाकिस्तान का हर मैच देखते थे। पेशाब दबाये बैठे रहते थे कि कहीं अफ़रीदी आउट ना हो जाये। इससे तो अच्छा था कि आराम से मूत ही लेते!” -इतना कहते कहते उनकी रुलाई फूट पड़ी।

उधर, पुलिस ने अफ़रीदी समेत पूरी क्रिकेट टीम पर इलियास को ख़ुदकुशी के लिये उकसाने का केस दर्ज कर लिया है। कराची के पुलिस कमिश्नर अहसान अली ने बताया कि “इंडिया से लौटते ही टीम को हिरासत में लेकर पूछताछ की जायेगी।”

“कुछ पुराने खिलाड़ियों पर भी केस बनता है क्योंकि इस बंदे को ख़ुदकुशी के लिये आज से नहीं, बीस सालों से उकसाया जा रहा था।” -सुसाइड नोट को ग़ौर से देखते हुए उन्होंने कहा।

बताया जा रहा है कि इस ख़बर के बाद इंडिया के न्यूज़ चैनलों में दस दिन से चाय-समोसे उड़ा रहे कई पुराने पाकिस्तानी खिलाड़ी अंडरग्राउंड हो गये हैं।



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