Saturday, 16th December, 2017

चलते चलते

जावेद अख़्तर की कोर्ट में अर्ज़ी- "पढ़े-लिखे लोगों को ही मिले ट्वीट करने की इजाज़त"

01, Mar 2017 By कपट मुनि

नई दिल्ली. देश के मशहूर शायर और गीतकार जावेद अख्तर ने ट्विटर के खिलाफ कोर्ट में अपील की है। जावेद साहब ने कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने कोर्ट से अपील की है कि ट्विटर के इस्तेमाल की इजाज़त सिर्फ पढ़े-लिखे लोगों को ही मिलनी चाहिये।

javed akhtar
किसी अनपढ़ को घर से भगाते जावेद अख़्तर

अपनी याचिका में जावेद ने कहा है कि “लोगों को आदेश दिया जाये कि वे ट्विटर पर डीपी में फ़ोटो की जगह अपनी डिग्री और मार्क शीट की तस्वीर लगायें। इससे पढ़े-लिखे इंटेलेक्चुल लोगों को पता चल सकेगा कि ट्वीट करने वाला पढ़ा-लिखा है या कोई अनपढ़-गंवार!” जावेद साब ने याचिका में बिना पढ़े-लिखे लोगों को ट्विटर के इस्तेमाल से रोकने के पीछे की वजह भी बताई है।

उनका कहना है कि “बिना पढ़े-लिखे लोग ट्विटर पर अकॉउंट तो बना लेते हैं लेकिन उनसे लॉगिन करते नहीं बनता, जिससे ट्विटर का एक अकाउंट बर्बाद हो जाता है। साथ ही, बार-बार गलत लॉगिन आईडी और पासवर्ड डालकर अनपढ़ लोग ट्विटर की साइट पर ट्रैफिक बढ़ाते हैं जिससे सेलिब्रिटी को विवादित ट्वीट करने में परेशानी होती है।”

हमारे संवाददाता से बात करते हुए जावेद अख्तर ने कहा कि “आजकल जब भी हम अपना ट्विटर अकॉउंट खोलते हैं तो हमारा पारा सातवें आसमान पर चला जाता है।” मुंह से निकल रहे झागों को साफ़ करते हुए उन्होंने कहा कि “अनपढ़ लोग ट्वीट लिखते वक्त तख़ल्लुस पर बिलकुल भी ग़ौर नहीं करते और राइमिंग भी नहीं मिलाते, जिससे ट्वीट का पूरा सुर-ताल बिगड़ जाता है।”

“जो लफ़्ज़ एपिग्लोटिस से बोलकर लिखना चाहिए, उसे भारी गले से लिख देते हैं और जिस वर्ड में छुटऊ की मात्रा लगानी चाहिए वहां बड़ऊ की मात्रा लगा देते हैं। इस तरह के ट्वीट पढ़कर हमारी ज़बान ख़राब हो रही है और हम उम्दा गीत नहीं लिख पा रहे है।” जावेद साब ने लगभग तमतमाते हुए हमारे घबराये हुए संवाददाता से उर्दू ज़बान में पूरे तख़ल्लुस के साथ ऐसी और भी बहुत सारी बातें कीं लेकिन उर्दू में हाथ तंग होने की वजह से वो ज़्यादा कुछ नहीं बोल पाया और अपना बिना राइमिंग वाला मुंह लिए वापस आ गया।



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