Friday, 24th March, 2017
चलते चलते

बिहार बोर्ड के छात्र की उत्तर पुस्तिका लीक, फेसबुक की शायरी पर लिखा था निबंध

31, Jul 2016 By Ritesh Sinha

पटना. अपने टॉपर्स की वजह से चर्चित हुआ बिहार माध्यमिक शिक्षा बोर्ड एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार बोर्ड के एक छात्र की उत्तर पुस्तिका लीक हो गयी, जिसमें फ़ेसबुक की शायरियों पर निबंध लिखा हुआ है। यह उत्तर-पुस्तिका फ़ेकिंग न्यूज़ के हाथ लग गयी है, लीजिये आप भी पढ़िये उसमें लिखा ये निबंंधः

Facebook Shaayri3
सूर्यवंशम शायरी का एक उदाहरण

प्रश्न क्र. 6. फेसबुक की उपयोगिता पर 250 शब्दों में निबंध लिखिए।

उत्तर क्र. 6. फेसबुक को मार्क जुकरबर्ग नाम के एक सिरफिरे ने शुरू किया था, जिसमें कई फोटो, वीडियो और गाने होते हैंI फेसबुक में विभिन्न प्रकार की शायरियां भी होती हैं। फेसबुक की शायरियों को निम्न भागों में बांटा जा सकता है-

1. सूर्यवंशम शायरी- कुछ शायरी बार बार इस्तेमाल किए जाने के कारण घिस जाती हैं, और उस पर टायर की तरह निशान पड़ जाते हैं, इसलिए इन्हें सूर्यवंशम शायरियां कहा जाता है। “मोहब्बत” नामक घटना से जुडी हुई शायरियों को सूर्यवंशम शायरी बनने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। तथा “प्रेम वियोग” से सम्बंधित शायरी भी केवल दो तीन दिनों में ही सूर्यवंशम शायरी बन जाती है। कुछ जुझारू फेसबुक पालकों को एक ही शायरी को बार बार यूज़ करते देखा गया है।

2. ज्वालामुखी शायरी-  कुछ शायरियां समय आधारित होती हैं। देश भक्ति से जुडी शायरी साल में दो बार भारी मात्रा में प्रयोग में लाई जाती हैं बाकि समय ये सुप्त अवस्था में रहती हैं इसलिए इन्हें ज्वालामुखी शायरी कहा जाता है। दो दिन में अत्यधिक मेहनत करने के कारण ये शायरियां प्रायः बीमार हो जाती हैं। यह फेसबुक का एक महत्वपूर्ण अंग हैI

3. निर्लज्ज शायरी- ये शायरी पृथ्वी की उत्पत्ति से लेकर आज तक प्रयोग में लाई जा रही हैं, फिर भी ये हटने का नाम नहीं लेती हैं। इसलिए इन्हें निर्लज्ज शायरी कहा जाता है। इन्हें अक्सर टाइम लाइन के आस पास टहलते हुए देखा जा सकता है। माना कि मैं सिगरेट पीता हूँ लेकिन एक सभ्य विद्यार्थी होने के नाते इसके बारे में ज्यादा नहीं लिखूंगा।

4. सुपर शायरी- कुछ शायरी बहुत अच्छी भी होती हैं, इन्हें सुपर शायरी कहा जाता है। यह फेसबुक का सबसे इज्ज़तदार प्राणी होता है। इसका जीवन बेहद सुख सुविधा में बीतता है। इस तरह की शायरियों में एक दोष होता है, यदि यह गलत हाथों में पड़ जाए तो जल्द ही निर्लज्ज शायरी में तब्दील हो जाती है। एक बार निर्लज्ज शायरी बनने के बाद इनकी घर वापसी नहीं कराई जा सकती।

निबंध समाप्त हुआ।

Govt. H. S. S. Patna

Roll No. 420



ऐसी अन्य ख़बरें