Sunday, 17th December, 2017

चलते चलते

Twitter और Facebook यूज करने के लिए अब दसवीं पास होना ज़रूरी, 80% यूजर घटे

11, Sep 2016 By FUN कार

कैलिफोर्निया/नयी दिल्ली. भारत में सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर बढ़ती अश्लील पोस्ट, गाली-गलौच और असहज संवाद पर चिंता जताते हुए मार्क जुकरबर्ग ने एक आपात मीटिंग बुलवाई। जिसमें उन्होंने भारत के यूजर्स के आंकड़े मंगवाये और इस बात पर अफ़सोस जताया कि भारत में भाषा और संवाद का स्तर कितना गिर गया है।

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हर कोई बस यही कर रहा है

बहुत देर तक चली इस मीटिंग में सारे आकड़ों पर गौर करने के बाद निष्कर्ष निकाला गया कि भारत में मोबाइल फ़ोन और इंटरनेट हर जगह पहुच गया है और ज्यादातर लोग जो सोशल नेटवोर्किंग यूजर हैं, वे ज्यादा पढ़े लिखे नहीं है। कुछ लोगों के पास मार्कशीट हैं भी तो जुगाड़ वाली! ऊपर से राजनीतिक पार्टियों ने ऐसे ही लोगों को अपने साइबर-सेल में रखा हुआ है, जो एक दूसरे को ‘भक्त’,’आपटार्ड’ और ‘खान्ग्रेसी’ कहकर बुलाते हैं।

इन्हीं वजहों से भारत में सोशल नेटवर्किंग साइट्स गटर की तरह बनती जा रही हैं, जहां लॉग इन करने पर सिर्फ़ गन्दगी ही गन्दगी नज़र आती है। मोदी की तारीफ कर दो तो ‘भक्त’ बोलकर आपको ‘आप’ समर्थक और कांग्रेस वाले गाली देने लगते हैं, ‘केजरीवाल ईमानदार है’ बोल दो तो कांग्रेस और बीजेपी वाले गाली-गलौज पर उतर आते हैं और राहुल गाँधी की…खैर छोडो! कुछ लोग दूसरे धर्म की ओछी कहानियां बनाकर माहौल बिगाड़ते रहते हैं तो कुछ लोग ‘ऐंजल’, ‘प्रिया’ या ‘चोकोहोलिक पूजा’ बनकर अपने ही दोस्तों का टुचिया काटने में लगे रहते हैं। ये वही लोग हैं जो बचपन में अपनी बहनों की फ्रॉक पहना करते थे।

बहरहाल, अब इंटरनेट को भी स्वच्छ भारत अभियान के दायरे में लाया जा रहा है और भारत सरकार तथा जुकरबर्ग की संयुक्त योजना के तहत अब सोशल नेटवर्किंग साइट्स का उपयोग करने के लिए दसवीं पास होना अनिवार्य किया जाने वाला है। इस नियम के बाद इन साइट्स के 80% यूजर्स कम हो जाने की संभावना है। विडंबना यह है कि जुकरबर्ग खुद दसवीं पास नहीं है और पूरी दुनिया में बस उनकी ही माँ ऐसा कहती है कि “बेटा मार्क, आज तुमने कम फेसबुकिंग की… चलो पाँच घण्टे और करो वर्ना आज खाना नहीं मिलेगा।”



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