Thursday, 18th January, 2018

चलते चलते

घने कोहरे में मॉर्निंग वॉक करने निकला युवक बिजली के खंभे से टकराया, खंभा सुरक्षित

26, Dec 2017 By Ritesh Sinha

भोपाल. तेजप्रताप सिंह, 28 साल का गबरू जवान, सुबह जल्दी उठकर मॉर्निंग वॉक करने का बेहद शौक़ीन है। चाहे कितनी भी ठंड हो, उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। दौड़ने जाना है तो मतलब जाना है! यही वजह है कि कल भारी कोहरा होने के बावजूद वो अपनी सेहत बनाने निकल पड़ा। कान में ईयरफोन ठूँसे, लेदर का जैकेट चढ़ाए और महंगे जूतों पे सवार होकर वो पार्क की ओर कूच कर गया। लेकिन इससे पहले कि वो अपनी मंज़िल तक पहुँच पाता, रास्ते में एक बिजली के खंभे से टकरा गया।

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एक दिन इस पेड़ से भी टकराया था तेजू

जांच में पता चला है कि ‘घना कोहरा’ और ‘इयरफोन’ के कॉम्बिनेशन ने तेजू की वाट लगाई है। वैसे भी, कोहरे की वजह से उसे साफ़-साफ़ नहीं दिखाई दे रहा था, ऊपर से ईयरफोन में रीमिक्स गाना! इन्ही गानों के ‘ट्रैक्स’ पर ज्यादा ध्यान देने के चक्कर में वो अपना ट्रैक भूल गया! नतीजा ये हुआ कि उसकी बिजली के खंभे से भेंट हो गई। हालाँकि, वो उस समय कौन सा गाना सुन रहा था यह अभी पता नहीं चल पाया है।

लेकिन इस घटना के तुरंत बाद एक और घटना हो गई। आसपास टहल रहे लोगों ने जब कुछ टकराने की आवाज सुनी तो वे खंभे की ओर दौड़ पड़े। लेकिन तेजू की मदद करने के बजाय वे आपस में ही गुत्थम-गुत्था हो गए। दरअसल, उनमें से कुछ लोगों का कहना था कि जब तेजू खंभे से टकराया तो ‘टन’ की आवाज आई थी।

वहीँ, कुछ लोगों का मानना था कि ‘भन्न’ की आवाज आई थी। फिर क्या था! बैकग्राउंड आवाज को लेकर ही दोनों गुट आपस में भिड़ गए। आखिर में यह फ़ैसला हुआ कि आवाज ‘टन’ वाली ही आई थी। इस महत्वपूर्ण मुद्दे को सुलटाने के बाद ही तेजू को उठाया गया।

उधर, घटना की जानकारी मिलते ही ‘मुंसीपाल्टी’ के ढाई अफसर घटना-स्थल पर पहुँच गए। राहत की बात यह है कि खंभे को ज्यादा चोट नहीं आई है। खंभे की गहन जाँच करने के बाद अफसरों का कहना है कि यह ‘पोल’ अभी दस साल तक शहर की सेवा करता रहेगा और तेजू जैसे युवक इससे टकराते रहेंगे।

वहीं, अपने माथे पर आयोडेक्स की मालिश करते हुए तेजू ने बताया कि “ना अब मैं सुबह दौड़ने जाऊँगा और ना ही कानों में ईयरफोन लगाऊँगा! बहुत हो गयी दौड़!”



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