Tuesday, 25th April, 2017
चलते चलते

कई घंटों से 'टाइम नहीं है इसलिये अंदर नहीं बैठ पाउँगी' बोलकर दरवाज़े पर खड़ी पड़ोसन ने बनाया रिकॉर्ड

12, Nov 2016 By banneditqueen

भोपाल. लगभग सभी गृहिणियों का आधा दिन पड़ोस की महिलाओं से गपशप करके निकलता है। कभी किटी पार्टी तो कभी शाम की चाय। अकसर सड़क पर ठेलेवाले से सब्ज़ी खरीदने निकली पत्नी घंटों दरवाज़े पर खड़े होकर सब्ज़ियों के भाव से लेकर मोदी के भाषण के बारे में चर्चा करते हुए पाई जाती हैं। यशोदा विहार में रहने वाली साधना तिवारी भी आज सुबह सब्ज़ियाँ खरीदने बाहर निकली।

घर के बाहर खड़ी महिलाएँ
घर के बाहर खड़ी महिलाएँ

पड़ोस में रहने वाली शारदा यादव भी बाहर खड़े होकर सब्ज़ीवाले से मोल भाव कर रही थी। दोनों में बातचीत शुरू हो गई। साधना ने शारदा को घर के अंदर आने का निमंत्रण दिया पर शारदा यह बोलकर दरवाज़े पर खड़ी रही कि “टाइम नहीं है खाना बनाना है, बर्तन धोने हैं इसलिये बैठ नहीं सकती” ऐसा कहते कहते पूरा दिन बीत गया। पूरा दिन खड़े रहने से शारदा और साधना के पैर अकड़ गये और वे अपनी जगह से हिल नहीं पा रही थी। थोड़ी ही देर में वहाँ लोगों की भीड़ जमा हो गयी। लोगों ने एम्ब्युलैंस बुलाई, तभी मीडिया वाले भी पहुँच गये।

उसी कॉलोनी में रहने वाले मुकेश ने बताया कि “मैं जब सुबह ऑफिस के लिये निकल रहा था तब शारदा भाभी कह रहीं थी अंदर नहीं आ सकती काम है बिलकुल टाइम नहीं है, जब मैं पूरे दस घंटे बाद ऑफिस से वापस आया तब भी शारदा भाभी सड़क दरवाज़े पर खड़ी मिली यह बोलते हुए कि अंदर नहीं आ पाउँगी टाइम नहीं है।” इतनी देर तक खड़े रहने के चलते अब दोनों का नाम गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में आएगा।



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