Friday, 24th November, 2017

चलते चलते

झाड़ू लगाने के बाद गेट पकड़कर खड़ी नहीं हुई महिला, सोसायटी से निकाली गई

26, Aug 2017 By Ritesh Sinha

रायपुर. भाग्यश्री कॉलोनी में रहने वाली संध्या काले पर आरोप है कि आज सुबह, आँगन में झाड़ू लगाने के बाद वो मेनगेट पकड़के खड़ी ही नहीं हुई। ना उसने गली में आने-जाने वालों को खड़े होकर देखा, और ना ही उसने सामने वाली विद्या मैडम से कुछ बातचीत की, बस, झाड़ू लगाईं और सीधे अपने घर में घुस गई। अब प्रोटोकॉल की धज्जियाँ उड़ाने के जुर्म में संध्या को सोसायटी की लायनेस क्लब से निकाल दिया गया है। साथ ही उन्हें दो दिन में सोसायटी छोड़ने के लिए कह दिया गया है। जबकि अक्सर महिलाएं झाड़ू लगाने के बाद दस मिनट तक मेनगेट के बाहर झांकती रहती हैं।

आश्चर्य जताती संध्या
आश्चर्य जताती संध्या

“मैं क्या बताऊँ आपको! मैं तो उस समय अपने बालकनी में खड़ी थी। संध्या अपने घर से निकली, और झाड़ू लगाकर तुरंत अंदर चली गई। मैं सोच रही थी कि ये अपने गेट पर हाथ रखके आधे घंटे तक मुझसे बात करेगी। लेकिन ना उसने मुझसे किसी नए मुद्दे पर बात की, और ना ही पुराने मुद्दों पर रोशनी डाली। ऐसा होता है क्या? आप ही बताइए! मैंने तुरंत प्रेसिडेंट मैडम को बता दिया, अब तो उन्हें सोसायटी छोड़कर जाना पड़ेगा। जो सोसायटी के नियम तोड़ेगी, उससे हमें कोई हमदर्दी नहीं है! हाँ!”-संध्या की पड़ोसन झुमकी ने फेकिंग न्यूज़ को बताया।

“अच्छा आप लोग गेट के पास खड़े होकर क्या करती हो? क्या मिलता है इससे?” ऐसा पूछे जाने पर झुमकी जी भड़क गईं, उसने पल्लू घुमाकर पकड़ा और गुस्से से बोलीं, “हाँ..हाँ! और मर्द लोग हर रोज़ पान की दुकान में एक-एक घंटे खड़े रहते हैं, उससे क्या मिलता है? हमें भी तो बताओ! बड़े आए!”

थोड़ी देर बाद जब उनका गुस्सा शांत हुआ तो उसने विस्तार से बताया कि, “देखो! पहले तो हम आँगन में झाड़ू लगाते हैं, उसके बाद चैनल गेट पर हाथ रखकर मोहल्ले की स्कैनिंग करते हैं। वहां से गुजर रहे लोगों को एकटक देखते हैं, ताकि उन्हें भी टेंशन हो जाए। तब तक कोई ना कोई और सहेली अपने घर से बाहर आ ही जाती हैं, और हमें बात करने का मौका मिल जाता है। ‘बहुत काम है..बहुत काम है’ कह-कहकर हम आधे घंटे तक तो बात करते ही हैं। बस, इतना सी तो बात है!”-झाड़ू हवा में लहराते हुए उन्होंने बताया।

“अच्छा! तो क्या सच में संध्या जी को सोसायटी से बाहर कर दिया जाएगा?” ऐसा पूछे जाने पर झुमकी ने बताया कि, “अरे! नहीं..नहीं! हम भी किसी सरकार से कम थोड़ी ना हैं! काम हो या ना हो, काम होता हुआ दिखना चाहिए। कल की किटी पार्टी में मामला रफा-दफा हो जाएगा।”-झुमकी जी ने जवाब दिया और तेज़ी से अपने घर में घुस गई।



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