Saturday, 24th June, 2017
चलते चलते

''मैं तो सर्दियों में भी ठंडे पानी से नहाता हूं" -कहने वाला युवक धूप में हाथ-मुँह धोते पकड़ा गया

30, Nov 2016 By Ritesh Sinha

भोपाल. चौबीस साल का विनय आहूजा भोपाल की वायरलेस कॉलोनी में रहता है। चूँकि वो सरकारी के बजाय किसी प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है, इसलिए उसे सुबह दस बजे से पहले ऑफिस पहुंचना पड़ता है। सुबह-सबुह नहाने के नाम से ही उसकी कंपकंपी छूटने लगती है। वो बड़ी मुश्किल से जैसे-तैसे ड्राईक्लीनिंग (मुंह धोकर और शरीर पर थोड़ा सा गीला हाथ फिराकर) करके ऑफिस के लिए निकल जाता था और ऑफ़िस पहुंचने पर अपने दोस्तों को बड़े गर्व से बताता कि “मैं सर्दियों में भी एकदम ठंडे पानी से ही नहाता हूँ।”

बहादुरी दिखाने बर्फीले पानी में डुबकी लगाता विनय
बहादुरी दिखाने बर्फीले पानी में डुबकी लगाता विनय

लेकिन विनय यहीं नहीं रुका, वो अपने ऑफिस में, पान के ठीये पर, बस या ट्रेन में, जहाँ भी उसे कोई पहचान का मिल जाए, उसी के सामने शेख़ी बघारने लगता कि “मैं हमेशा ठंडे पानी से ही नहाता हूँ- चाहे कितनी भी ठंड हो और भी सुबह-सुबह! मुझे जरा भी ठण्ड नहीं लगती।” ऐसा करने से विनय की यार-दोस्तों के बीच में थोड़ी इज्ज़त भी बढ़ जाती थी। अगर किसी बैठकी में किसी दूसरे टॉपिक पर बात चल रही हो तो विनय बड़ी चालाकी से बात को घुमा-फिराकर नहाने की तरफ ले जाता था, ताकि उसे ये बताने का मौका मिल जाए कि वो ठंडे पानी से नहाकर आया है।

इसी बीच अचानक ठंडी बढ़ गई और विनय की ड्राईक्लीनिंग के नाम से भी जान सूखने लगी। ठंडा पानी तो दूर की बात, वो गरम पानी देखकर भी डरने लगा। एक दिन वो छुट्टी के दिन दोपहर को 12 बजे धूप में बाल्टी रखकर ड्राईक्लीनिंग कर रहा था कि तभी उसका दोस्त राजीव वहां पहुंच गया और उसने ये सब देख लिया।

उस दिन के बाद से उसकी जान-पहचान वाले सब नहाने का ज़िक्र छेड़ते हैं और वो बात को किसी दूसरे टॉपिक पर घुमाने की कोशिश करता है। दोस्तों ने अब उसके ‘Mr. Coldplay’ जैसे कई नाम रख दिये हैं।



ऐसी अन्य ख़बरें