Thursday, 18th January, 2018

चलते चलते

माल्या ने किडनी बेचकर बनवाया इस साल का 'किंगफ़िशर कैलेंडर', सच्चाई जान लोगों की आँखें हुईं नम

08, Jan 2018 By बगुला भगत

लंदन. नये साल के पहले दिन जैसे ही किंगफ़िशर का 2018 का कैलेंडर रिलीज़ हुआ, तो लोग विजय माल्या पर पिल पड़े। वे बिना कुछ समोचे-समझे गालियाँ बकने लगे कि माल्या चोर बैंकों का पैसा तो लौटा नहीं रहा, नंगी लड़कियों के कैलेंडर पर करोड़ों रुपये फूँक रहा है। लेकिन जब लोगों को सच्चाई मालूम हुई तो उनकी आँखें भर आईं।

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जान दाँव पर लगाकर कैलेंडर बनवाते माल्या जी

असल में, इस साल का कैलेंडर माल्या जी ने अपनी किडनी बेचकर छपवाया है। यह ख़ुलासा इंग्लैंड के सबसे ज़्यादा बिकने वाले अख़बार ‘डेली मेल’ ने किया है। अख़बार ने अपने पहले पेज़ पर ख़बर छापी है कि “इंडिया के बैंकों के जुल्मो-सितम से तंग आकर लंदन में दिन काट रहे माल्या ने इस साल के कैलेंडर के लिये बहुत बड़ी क़ुर्बानी दी है।”

अख़बार के मुताबिक, “माल्या जी ने कैलेंडर की शूटिंग शुरु तो करा दी लेकिन जनवरी और फ़रवरी की मॉडल्स पर ही सारे पैसे ख़र्च हो गये। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी, उन्होंने कहा “मैं अपनी किडनी बेचूँगा!” उनके मैनेजर ने समझाया- “सर, इससे आपकी जान को ख़तरा हो सकता है!”

“ज़्यादा से ज़्यादा क्या होगा? मेरी जान ही चली जायेगी ना, तो चली जाये…लेकिन कैलेंडर नहीं रुकना चाहिये! Calendar must go on!” -यह कहकर माल्या जी सीधे हॉस्पिटल रवाना हो गये।

“इस कैलेंडर के लिये विजय के बेटे सिद्धार्थ को भी अपनी एक किडनी बेचनी पड़ी क्योंकि उनकी किडनी से सिर्फ़ 6 महीने का कैलेंडर ही बन पा रहा था। इसलिये 12 महीने पूरे करने के लिये बेटे ने भी एक किडनी क़ुर्बान कर दी।” -अख़बार आगे लिखता है।

हॉस्पिटल के बेड पर लेटे विजय ने किडनी निकलवाते समय बेटे सिद्धार्थ से प्रॉमिस लिया कि “मुझसे वादा करो बेटा कि मेरे बाद इस कैलेंडर पर कोई आँच नहीं आने दोगे…वादा करो मुझसे!” सिद्धार्थ ने रोते हुए कहा, “मैं क़सम खाता हूँ डैड…ये कैलेंडर हर हाल में छपता रहेगा! मोदी जी भी इसे छपने से नहीं रोक सकते!”



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