Sunday, 25th February, 2018

चलते चलते

रेस्टोरेंट में 'Pure Veg' की जगह लिखा था 'Veg', नहीं आया एक भी कस्टमर

19, Jan 2018 By banneditqueen

मुंबई. आपने अक्सर देखा होगा कि हर कोई अपने रेस्टोरेंट्स को ‘शुद्ध शाकाहारी’ या ‘Pure Veg’ बताने की कोशिश करता है। कभी भी कोई भी भोजनालय खुद को केवल शाकाहारी या Veg नहीं बताता। बोरीवली में रहने गोपाल बोरकर ने जब अपना रेस्टोरेंट शुरू किया तो यह सोचा कि वो कुछ अलग करेंगे। गोपाल का मानना था कि शुद्ध शाकाहारी हो या शाकाहारी क्या फर्क पड़ता है। पर उनका ये भ्रम तब टूट गया जब उन्होंने रेस्टोरेंट खोलने के कई दिन तक कोई भी कस्टमर नहीं आया।

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प्योर वेज नहीं तो काहे का वेज

गोपाल ने पिछले महीने ही अपने रेस्टोरेंट ‘पेट पूजा’ का उद्घाटन किया। इनॉगरल ऑफर के तहत कई डिशेस पे डिस्काउंट भी दिया और प्रथम पचास लोगों को मुफ्त में एक टाइम का खाना देने का वादा भी किया। इतना सब करने के बाद भी उनके रेस्टोरेंट में एक भी कस्टमर नहीं आया। एक दिन जब उन्हें अपने पड़ोसी अपने रेस्टोरेंट के सामने नज़र आए तो उन्होंने उन्हें नाश्ता करने के लिए आमंत्रित किया। पर उनके पडोसी ने भी उनके रेस्टोरेंट में खाना खाने से मना कर दिया।

परेशान होकर गोपाल ने अपने पड़ोसी से पूछा ”भाईसाहब मैं आपको फ्री में नाश्ता करवा रहा हूँ फिर भी आप खाने को तैयार नहीं है, आखिर बात क्या है? हमारे रेस्टोरेंट के आसपास अंडा तक नहीं बनता न मांस मच्छी। खाना भी हम सफाई से बनाते हैं फिर क्या दिक्कत है ? क्या किसी ने कुछ अफवाह फैलाई है मेरे खिलाफ?”

इस पर पड़ोसी ने जवाब दिया कि ”देखिये भाईसाहब बुरा मत मानिएगा पर आपका रेस्टॉरेंट शाकाहारी नहीं है।” इस पर गोपाल ने तमतमाते हुए कहा ”क्या बकवास कर रहे हैं? चलिए अभी किचन में दिखाता हूँ, एक मक्खी भी नहीं है अंदर, सब शाकाहारी है।” इस पर उनके पड़ोसी ने कहा ”हम कैसे मान लें? आपने तो बाहर बोर्ड पे केवल Veg लिख रखा है, Pure Veg लिखा होता तो बात भी थी। इसीलिए ना मैं न कोई और आपके रेस्टोरेंट में खाना खाना चाहता है।”



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