Sunday, 25th June, 2017
चलते चलते

सरकारी दफ्तरों में गुटका-पान मसाला बंद होने से युवको में कम हो रहा है सरकारी नौकरी का क्रेज

24, Mar 2017 By jd

कानपुर. कहा जाता है कि ”जो पान खा कर , दीवारे लाल ना कर पाए वो किस बात का सरकारी कर्मचारी।” लेकिन बीजेपी ने अपनी सरकार आते ही सबसे पहले सरकारी कर्मचारियों को झटका दिया है। सरकारी दफ्तरों में पान मसाला और गुटका खाना बैन कर दिया गया है। इस घटना ने अधिकतर सरकारी बाबुओ को मिनी हार्ट अटैक दे दिया है। साथ ही साथ कुछ युवा जो सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, वो भी काफी नाखुश नज़र आये हैं।

मिश्रा जी जिनको जॉब करते 20 साल हो चुके हैं, उनसे बात करते वक़्त हमें पता लगा के इस फैसले से बाबुओं में काफी आक्रोश है। “पान और गुटका खा के पिचकारी मारना कोई मजाक नहीं है, यह एक कला है। पिछले 20 साल से हर दिन की मेहनत का नतीजा है। वो तो गुटके की पिचकारी मारने का कोई ओलंपिक नहीं होता वरना UP के हर सरकारी दफ्तर से आपको चैंपियन मिलता। हम लोग तो मुँह से गुटका और पान थूक थूक कर Graffiti बना देते हैं, यह गोरमिंट हमारा पान बंद कर रही है, कुछ नहीं रखा अब इस गोरमिंट में।” वहीं नौजवान वर्ग भी कुछ खास खुश नहीं दिखाई दे रहा।

दीपक, जो बचपन से ही सरकारी जॉब का सपना देख रहे हैं, उनके मुताबिक “सिर्फ एक ही सपना देखा था बड़ा होकर सरकारी जॉब लूँगा और मुह में पान और दीवारे लाल, एक पिचकारी इधर, एक पिचकारी उधर। किसी का डर ही ना हो , क्या तो लाइफ होगी। लेकिन यह कमबख्त सरकार चाहती ही नहीं कि इस युवा पीढी के सपने पूरे हो, अब जब पान ही नहीं मिलेगा तो जॉब करने में क्या मजा, काम करने में कुछ तोह मोटिवेशन होना चाहिए न ,यह तो वही बात हो गयी न के आप IT इंजिनियर को बोलो की onsite नहीं मिलेगा।” 500-1000 के नोट बंद होने के बाद भी शुरुआत में जनता में ऐसा ही गुस्सा था और जनता ने कुछ समय बाद हालात से समझोता कर लिया था, इस मामले भी कुछ ऐसा ही लग रहा है |



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