Monday, 18th December, 2017

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टॉपर नहीं था गरीब/पिछड़े वर्ग से, फिर भी पत्रकार ने लिया इंटरव्यू, परिवार वाले हैरान

25, May 2017 By banneditqueen

भागलपुर. आमतौर पर जब भी किसी टॉपर की खबर हम अखबार में पढ़ते हैं तब उसकी संघर्ष की कहानी और कैसे उसने मुसीबतों से लड़कर क्लास में टॉप किया ऐसी प्रेरक कहानी ही होती है। टॉपर जितना गरीब हो या पिछड़े वर्ग से हो उसके बारे में कहानी और हेडलाइन भी उतनी ही बड़ी होती है। ऐसे टॉपरों कि वजह से उन बच्चों को बहुत सुनना पड़ता है कि दिन भर ए.सी. मैं बैठे रहते हो उसके बाद भी पास नहीं होते।

sarthभागलपुर हाई स्कूल के एक छात्र हिमांशु शर्मा ने अपनी कक्षा में टॉप किया है। जैसे ही यह खबर उसके घरवालों को लगी तो वे बिलकुल भी खुश नहीं थे। हिमांशु की माँ का कहना था कि ”ना तो हम गरीब हैं ना ही पिछड़े वर्ग से न ही हमारे पति ऑटोवाले या चायवाले हैं न ही हिमांशु बाल मजदूर है।” इस बात पर फेकिंग न्यूज़ संवाद्दाता ने उनसे पूछा कि ”इन सब बातों से क्या फर्क पड़ता है ? आपके बेटे ने टॉप किया है आप खुश क्यों नहीं हैं ?” हिमांशु कि माँ ने इस बात पर कहा ”अखबार पढ़ा है कभी? हमेशा ऐसे ही लोगों के बारे में छापते हैं जो गरीब बेचारे हों, हम तो इनसे में कुछ भी नहीं, हमारे बेटे के बारे में क्यों छापेंगे?”

पर हिमांशु के परिवार वाले तब हैरान हो गए जब हमारे पत्रकार ने हिमांशु की खबर अखबार में छापी। हिमांशु के पिता तो इतने खुश थे कि अखबार कि सभी प्रतियां खरीद ली। परिवार वाले ख़ुशी से फूले नहीं समां रहे थे। घरवालों को अखबार में हिमांशु के टॉप करने से ज़्यादा उसके पेपर में नाम आने की ख़ुशी थी।



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