Tuesday, 12th December, 2017

चलते चलते

केजरीवाल की कार चुराकर पछता रहा है चोर, FM रेडियो छोड़कर, सारे पार्ट्स हैं खराब

14, Oct 2017 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली. वैसे तो माना जाता है कि सभी चोर, बड़े शातिर होते हैं, लेकिन आज ये साबित हो गया कि कुछ चोर बेवकूफ भी होते हैं। जैसे कि केजरीवाल की कार चुराकर जगतपाल (बदला हुआ नाम) को महसूस हो रहा है। जगतपाल को लगता है कि लोकपाल वाले की गाड़ी चुराकर उसने अपने कैरियर की सबसे बड़ी गलती कर दी है। एक तो पुराने मॉडल की कार, और ऊपर से कार में FM रेडियो छोड़कर, बाकि के सारे पार्ट्स बिल्कुल घटिया। अब जगतपाल अपनी इस भूल से काफी दुखी है, और वो खुद इस खटारा कार को केजरीवाल को वापस करना चाहता है।

जाने कहाँ गई वो कार
जाने कहाँ गई वो कार

एक अज्ञात जगह से फोन करके उसने फेकिंग न्यूज़ को बताया कि, “क्या बताऊँ भाईसाब! मेरी मति मारी गई थी जो मैंने इस खटारा को चुराने का प्लान बनाया। जैसे ही मैं कार उठाकर पार्किंग वाली जगह से निकला, पिछला टायर पंचर हो गया। स्टेपनी बदलने में ही दो किलो पसीने निकल गए मेरे! एक साइड का दरवाजा तो पहले से ही खराब था, दूसरे साइड का दरवाजा भी पकड़कर रखना पड़ता है! स्टीरियो के वायर्स केबिन से बाहर झाँक रहे हैं! ब्रेक भी बड़ी मुश्किल से लगता है! क्या बताऊँ आपको! FM को छोड़कर बाकि सारे पार्ट्स शहीद हो चुके हैं!”- कहता हुआ जगतपाल फोन पर ही रोने लगा।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि केजरीवाल अपनी कार पर ज्यादा ध्यान नहीं देते थे। वो सिर्फ अपने काम की चीज़ “FM” को ही टीप-टॉप रखते थे, बाकि पूरी गाड़ी कबाड़ी वाले की जायदाद बन गई थी।

“..तो अब आगे का क्या प्लान है?”-ऐसा पूछे जाने पर जगतपाल ने बताया कि, “प्लान तो यही है कि अब मैं ये कार उसे वापस कर दूंगा! कोई फायदा नहीं हुआ इस बार धंधे में! ऊपर से मैंने पांच हज़ार खर्च कर दिए, इस हाथी को यहाँ तक खींचकर लाने में!”-कहते हुए वे फिर से भावुक हो उठे। उधर, बिना प्लानिंग, और इतनी पुरानी कार चुराने के मामले को आसपास के चोर एसोसिएशन ने भी गंभीरता से लिया है। मेरठ से जारी किए गए एक नोटिस में जगतपाल को तुरंत हाज़िर होने के लिए कहा गया है।

उधर, सूचना मिली है कि जब मुख्यमंत्री जी अपनी कार चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने पुलिस थाना गए थे, तो थानेदार जंगबहादुर सिंह जी ने उनसे सबूत मांग लिया था। थानेदार ने कहा कि, “हम कैसे मान लें कि आपकी कार चोरी हुई है, सबूत पेश कीजिए तब हम तफ्तीश शुरू करेंगे!” इतना सुनते ही केजरीवाल जी भड़क गए, उन्होंने नाक फुलाते हुए कहा- “एक मुख्यमंत्री से ऐसे बात की जाती है! सबूत माँगना मेरा काम है, कोई मुझसे सबूत नहीं मांग सकता!” तब जाकर थानेदार ने रिपोर्ट दर्ज की थी।



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