Monday, 26th June, 2017
चलते चलते

गर्मी से राहत के लिए गीली चादर ओढ़ के सोये युवक को हुआ निमोनिया, अब ओढ़ रहा है कम्बल

03, May 2017 By banneditqueen

भोपाल. मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद कॉलेज में इंजीनियरिंग करने वाले सुहास शर्मा हॉस्टल नंबर 6 में पिछले दो साल से रह रहे हैं। हर वर्ष गर्मी के पहले यह समस्या होती है कि लड़कों के हॉस्टल में कूलर और पानी की व्यवस्था नहीं है। इस वर्ष भी यही हुआ, आलम ये था कि जिन कमरों में कूलर था वहां छात्रों को कूलर से पानी निकाल कर नहाना पड़ रहा था। इन सब से सुहास परेशान हो चुका था। उसने इस वर्ष गर्मी से बचने के लिए तरकीब सोची।

ठंड में काँपता सुहास
ठंड में काँपता सुहास

इस वर्ष उसने सोचा कि हॉस्टल में पानी तो रहता नहीं तो खुद से कूलर खरीद कर यहाँ रखने का मतलब नहीं। कुछ स्थायी इलाज करना पड़ेगा, इसीलिए उसने सोचा कि क्यों ना रात में चादर गीली कर के ओढ़ी जाए। चादर ठंडी रहेगी तो नींद भी आ जाएगी और जब तक चादर सूखेगी तब तक तो मैं गहरी नींद में जा चुका होउंगा। रात को सुहास ने बाल्टी में पानी भरा, उसमे चादर डुबोई और निचोड़ के ओढ़ कर सो गया। अगले दिन सुहास जब उठा तो उसे एहसास हुआ की रात भर उसे गर्मी नहीं लगी। उसने खुश होकर अपनी पीठ थपथपाई और सोचा कि चलो गर्मी से निजात मिली।

जब कई दिनों तक वो रात में चादर गीली कर के ओढ़ने लगा तब उसकी तबियत ख़राब होने लगी। डॉक्टर के पास गया तो डॉक्टर ने बताया कि उसे निमोनिया हो गया है। अब सुहास को बुखार के मारे इतनी ठण्ड लगती है कि उसे रोज़ कम्बल ओढ़ कर सोना पड़ रहा है। थक हार कर अब उसने निर्णय लिया है कि ठीक होते ही या तो कूलर लाएगा या फिर ऐसे ही गर्मी में सो जाएगा।



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