Friday, 24th November, 2017

चलते चलते

एग्ज़ाम में बैलेंस शीट टैली होने पर नाचने लगा छात्र, टीचर ने पागल समझ क्लास से बाहर निकाला

23, Sep 2016 By banneditqueen

बैतूल. लिटिल फ्लॉवर स्कूल में पढ़ने वाले पंकज ने ग्यारहवीं कक्षा में कॉमर्स सब्जेक्ट लिया। मैथ्स और साइंस में कमज़ोर होने के चलते उसे मजबूरी में कॉमर्स लेना पड़़ा। पंकज को अकाउंट्स सब्जेक्ट से बड़ा डर लगता था। जॉर्नल लेजर तो जैसे तैसे बना लेता पर जब बैलेंस शीट बनाने की बारी आती तब उसके हाथ पैर ठंडे हो जाते। हर बार उसकी बैलेंस शीट में असेट और लायबिलिटी साइड कभी मैच नहीं होता, टीचर हर बार उसे इस बात के लिये सुनाती।

पंकज को बाहर निकालती टाचर
पंकज को बाहर निकालती टाचर

पूरा सवाल हल करने के बाद भी एक छोटी सी गलती से उसका पूरा सवाल गलत हो जाता। तिमाही और छःमाही परीक्षाओं में उसके सारे सवाल गलत हो गए। फाइनल एग्ज़ाम के पहले जब वो घर में पढ़ाई कर रहा ता तब भी उसका अकाउंट टैली नहीं हुआ। आखिर फाइनल एग्ज़ाम की वो मनहूस घड़ी आ चुकी थी। भगवान का नाम लेकर पंकज ने पेपर सॉल्व करना शुरू किया। जितने भी सवाल हल किये सब गलत हो चुके थे। उसे पास होने के लिये 18 नम्बर चाहिये थे। एक आखिरी सवाल जो कि 20 नम्बर का था वह बाकी था।

पंकज ने उस सवाल को हल करना शुरू किया। पूरे पंद्रह मिनट बाद वह सवाल पूरा हो गया और उसकी, बैलेंस शीट भी टैली हो गई। पंकज को अपनी आँखों पर यकीन नहीं हुआ। उसने दो बार सवाल चेक किया की उससे कुछ गलती तो नहीं हुई। जब उसे यह यकीन हो गया कि उसका उत्तर सही है, वह खुशी से नाचने लगा। सारे बच्चे उसे देखकर हँसने लगे| टीचर ने उसे डाँटकर बाहर निकलने को कहा तो उसने नाचते हुए आंसरशीट पकड़ाई और बोला “बैलेंस शीट टैली हो गई, आज तो पार्टी।” टीचर ने प्रिंसिपल से जाकर पंकज की शिकायत भी की और कहा” मैडम पंकज को पागलपन के दौरे पड़ रहे थे इसका इलाज किसी अच्छे डॉक्टर के पास होना चाहिये।” बाद में पंकज ने प्रिंसिपल को पूरा माजरा समझाया।



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