Wednesday, 23rd August, 2017

चलते चलते

स्टार्ट अप का सपना ना देख पाने पर छात्र को इंजीनियरिंग काॅलेज से निकाला

01, Feb 2017 By banneditqueen

भोपाल. चाहे इंजीनियरिंग के छात्र की लाखों की नौकरी लगी हो सपना अंततः वो स्टार्ट अप खोलने का ही देखता है। जाॅब के वक्त भी वो बस यही सोचता रहता है कि कैसे ना कैसे कोई स्टार्ट अप का आइडिया आ जाए। भोपाल के टीआईटी काॅलेज के छात्र प्रतीक को स्टार्ट अप के प्रेशर की वजह से बहुत मुसीबत का सामना करना पड़ा। दरअसल हुआ यूँ कि कल प्रतीक की क्लास में प्राॅफेसर बद्रीनाथ ने सभी छात्रों से पूछा कि वो काॅलेज के बाद क्या करना चाहते हैं, क्लास के सौ छात्रों में से 99 ने कहा वे स्टार्ट अप खोलना चाहते हैं।

प्रतीक की क्लास
प्रतीक की क्लास

जब प्राॅफेसर बद्रीनाथ को पता लगा कि प्रतीक की स्टार्ट अप खोलने में नहीं बल्कि जाॅब करने में दिलचस्पी है तब वो अचम्भित हो गए। उन्होनें प्रतीक से कहा कि ”ये क्या बात है आजकल तो चाहे दो कौड़ी का इंजीनियर हो, चाहे उसने एक सेमेस्टर भी पास ना किया हो उसे भी स्टार्ट अप खोलने की खुजली होती है फिर तुम्हें इतनी क्या दिक्कत है? प्रतीक ने कहा ”सर स्टार्ट अप तो जैसे गिटार हो गया है बजाना आए ना आए दिखावा करने के लिये गले में टाँग कर चलना है। मुझे नहीं खोलना स्टार्ट अप। इतने स्टार्ट अप खुलते हैं उसमें से आधों को कोई बड़ी कम्पनी टेक ओवर कर लेती है या फिर वो बंद हो जाते हैं। मुझे ऐसा रिस्क लेने में दिलचस्पी नहीं है। ये सब तो बस फैशन बन चुका है। जिसे देखो वही स्टार्ट अप का झुनझुना बजा रहा है।”

इस बात से नाराज़ होकर प्राॅफेसर ने छात्र की शिकायत प्रिंसिपल से कर दी। जब प्रिंसिपल को इस बात की खबर लगी तब वो खासे नाराज़ हो गए। उन्होनें तुरंत प्रतीक को शो काॅज़ नोटिस भेजा और दो दिन में जवाब देने को कहा। प्रतीक ने जो बातें क्लास में कही थीं वही बातें उसने नोटिस के जवाब में भी लिख दी। प्रिंसिपल ने जवाब से संतुष्ट ना होकर प्रतीक काॅलेज से निकाल दिया।



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