Wednesday, 26th July, 2017
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"प्रधानमंत्री ने कितनी छुट्टी ली" जैसी हज़ारों RTI से RTI विभाग में बढ़ा काम, होंगी नयी भर्तियां

27, Oct 2016 By banneditqueen

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी कब कब छुट्टी लेते हैं, कहाँ कहाँ जाते हैं, टिकेट कौनसी वेबसाइट से बुक कराते हैं, क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं या डेबिट, फ्लाइट में सोते हैं या होटल में, ये सब सवाल विपक्ष और आम जनता के लिए बेहद ही कौतुहल का विषय है। इसी के सम्बंधित हर महीने हज़ारो RTI एप्लीकेशन RTI विभाग के पास आती हैं और कानूनन विभाग को उन सबका उत्तर देना पढता है। इस बढ़ते काम के चलते RTI विभाग अब नयी भर्तियां करने की सोच रहा है, जिनमें के स्टेनो, क्लर्क, चपरासी, फाइल इधर उधर करने वाले बाबू, फाइल के पन्ने गिनने वाले बाबू, फाइल को एक अलमारी से दूसरी में रखने वाले बाबू, पांच मिनट पहले लंच पे जाने वाले बाबू, गुटखा खाने वाले बाबू, चपरासी से चाय मंगवाने वाले बाबू जैसी कई ज़रूरी पोस्ट भरी जाएँगी।

RTI के लिये आई चिठ्ठियाँ
RTI के लिये आई चिठ्ठियाँ

RTI विशेषज्ञ और लॉयर कमलेश कोलकबजी इस विषय पर चुटकी लेते हुए कहते हैं, “मज़े की बात तो ये है के हर RTI का जवाब लगभग एक ही है के प्रधानमंत्री जी ने अभी तक कोई छुट्टी नहीं ली। परंतु फिर भी लोग दनादन ऐसी एप्लीकेशन भेज के RTI विभाग का काम बढ़ाये रखते हैं। कुछ लोगों ने तो यहाँ तक पुछा के प्रधानमंत्री जब विमान में बैठते हैं तो ज़्यादा लेग स्पेस वाली कुर्सी लेते हैं या कम? जब वो विमान के कर्मीदल से बात करते हैं तो उन्हें “मित्रों” कहकर पुकारते हैं के नहीं? जब वो विमान में जाते हैं तो चाय में शक्कर कितनी लेते हैं? अजी हद्द है, इन सब सवालों का जवाब बेचारा RTI विभाग कैसे दे? इतनी RTI तो श्रीमती इंदिरा गाँधी जी की छुटियों के लिए भी नहीं आयी होंगी, … ओह परंतु उस समय तो RTI जैसा कुछ होता ही नहीं था। सवाल पूछने वाले लोग उठवा लिए जाते थे।”

पहले पहल तो ख़बरों का बाजार गरम था के प्रधानमंत्री की छुट्टी से सम्बंधित RTI के लिए एक नया विभाग ही बना दिया जायेगा, परंतु अब कहा जा रहा है के ऐसी ज़्यादातर RTI का जवाब प्रधानमंत्री स्वयं “मन की बात” के दौरान दे दिया करेंगे। अगर इस तरीके से भी ये एप्लीकेशन कम नहीं हुईं तो ऐसी प्रत्येक RTI के लिए आवेदक को मात्र सौ रूपये का शुल्क भरना होगा। उस शुल्क के साथ सौ रूपये का सर्विस चार्ज, ढ़ाई सौ रूपये का वैट, पचास रूपये का सर्विस टैक्स और बाकी सेस मिलकर करीब पांच सौ रूपये का डिमांड ड्राफ्ट बनवाकर विभाग में जमा करवाना होगा, तभी RTI का जवाब मिलेगा।



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