Thursday, 25th May, 2017
चलते चलते

रवीन्द्र गायकवाड़ ने 'उड़ान योजना' के पीछे अपना हाथ होने से किया इंकार, माल्या पर भी शक

29, Apr 2017 By Ritesh Sinha

मुंबई. उड़ान योजना के लांच होते ही, इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर सरकार गरीबों को भी प्लेन में क्यों बैठाना चाहती है। क्या इसके पीछे कोई साजिश है? कुछ लोगों का मानना है कि शिवसेना से सांसद रवीन्द्र गायकवाड़ ने एयरलाइन्स के किच-किच से तंग आकर इस बिज़नेस में सरकार को भी झोंक दिया है। ताकि पैसा सरकार का लगे, और वे हवा में अपनी मनमानी खुलकर कर सकें।

हवाई यात्रा के बारे में सोचते हुए
हवाई यात्रा के बारे में सोचते हुए

ये शक उस समय और गहरा हो गया, जब प्रधानमंत्री मोदी ने, इसे लांच करते समय ये कह दिया कि “मैं हवाई चप्पल पहनने वालों को भी, हवाई जहाज में बैठता हुआ देखना चाहता हूँ!” आखिर मोदीजी ने हवाई चप्पल का जिक्र क्यों किया? क्या उनके ऊपर ऐसा कहने के लिए किसी ने दबाव डाला था? कहीं गायकवाड़ जी, हवाई जहाज के बहाने अपनी चप्पल तो नहीं चमकाना चाहते थे। हालाँकि आरोपी सांसद रवीन्द्र गायकवाड़ ने इन ख़बरों को झूठा बताया है। उन्होंने कहा कि “मैं पिछली घटनाओं को भूल चुका हूँ, एयर इंडिया से मुझे अब कोई दुश्मनी नहीं है। क्योंकि जितना चप्पल मारना था मैं पहले ही मार चुका हूँ।” “लेकिन मोदीजी ने हवाई चप्पल का जिक्र क्यों किया? क्या आपने दबाव डाला था?” ऐसा पूछे जाने पर वो भड़क गए और गुस्से में बोले “खबरदार जो मुझसे बहस की तो! उन्होंने ऐसा क्यों कहा, ये उन्ही से जाकर पूछो ना! मैं क्या जानूँ। ..अब एक भी सवाल और किया तो पच्चीस चप्पल मारूंगा।” -कहते हुए उन्होंने अपने मशहूर चप्पल निकाल लिए। चप्पल देखकर पत्रकारों को यकीन हो गया कि इस योजना के पीछे उनका हाथ नहीं है। अब शक की सुई विजय माल्या की तरफ घूम गई है, जो उड़ने का बेहद शौक रखते है। माल्या से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनके मैनेजर ने बताया कि उन्होंने अपने आप को एक कमरे में बंद कर रखा है। साथ ही मैनेजर ने स्पष्ट किया कि माल्या, भारत सरकार से डरकर कमरे में बंद नहीं हुए हैं,बल्कि वे आजकल RCB के प्रदर्शन से बेहद नाराज हैं, इसलिए गम भुलाने के लिए एकांतवास में चले गए हैं।



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