Tuesday, 12th December, 2017

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राहुल जी ग्लोबल लीडर हैं,इसलिए विदेशों में भी रोज़गार दे रहे हैं :फर्जी रि-ट्वीट पर कांग्रेस की सफाई

22, Oct 2017 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली. पता नहीं वे लोग किस मिट्टी के बने हैं जो निःस्वार्थ भाव से राहुल गाँधी के ट्वीट को रि-ट्वीट मार रहे हैं। यहाँ इंडिया में एक RT पाने में ही पसीने छूट जाते हैं। नतीजा यह हुआ कि अब उनके रि-ट्वीट की वजह से राहुल गाँधी, भाजपा के निशाने पर आ गए हैं।तो, कांग्रेस पार्टी अपने उपाध्यक्ष के बचाव में उतर गई है।

अपनी सफलता पर खुश होते राहुल
अपनी सफलता पर खुश होते राहुल

कांग्रेस प्रवक्ता संजय झा ने राहुल गाँधी का बचाव करते हुए कहा है कि, “हम तो बरसों से कह रहे हैं कि राहुल जी एक ग्लोबल लीडर हैं, और आज ये बात साबित भी हो गई। देखिए! राहुल जी बेरोज़गारी से सख्त नफरत करते हैं! वे भारत से ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया से बेरोज़गारी ख़त्म कर देना चाहते हैं! यही वजह है कि उन्होंने विदेश के युवाओं को अपना ट्वीट, रि-ट्वीट करने के काम में लगा दिया! इसमें गलत क्या है?”

“उनकी प्रतिभा सिर्फ देश तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वो पार्ट टाइम विदेशों की समस्याओं का भी समाधान करते रहते हैं। इसलिए उन्हें सिर्फ कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, वे इन सब चीज़ों से कहीं बढ़कर हैं। अब बताओ! कजाखस्तान, रूस, और इंडोनेशिया के युवा भी राहुल जी की मदद से रोज़गार पा रहे हैं, ये छोटी-मोटी बात नहीं है!”-झा जी ने आगे फरमाया।

गौरतलब है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी का ट्विटर अकाउंट पिछले कुछ दिनों से चर्चा में है। आरोप है कि वे अपने ट्वीट्स को प्रमोट करने के लिए बड़ी मात्रा में बॉट अकाउंट का सहारा ले रहे हैं। इस मुद्दे पर भाजपा ने भी राहुल गाँधी पर हमला तेज़ कर दिया है। वहीँ, कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर राहुल ने, बॉट  अकाउंट की मदद ली है तो ठीक किया है, लेकिन कम से कम उनका नाम गुजराती में तो होना चाहिए था।

कांग्रेस पार्टी के एक और प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने तर्क दिया है कि, “ये भाजपा वाले फालतू में शोर मचा रहे हैं, उन्हें पता ही नहीं है कि राहुल जी ने कितना बड़ा काम किया है। इस देश में कंप्यूटर हम सबसे पहले लेकर आए थे, रोबोट भी हम ही लेकर आए, और आज हमने “बॉट” भी लाकर दिखा दिया। ये होती है लीडरशिप!”

उधर, केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, जो हमेशा आधार कार्ड के पीछे पड़े रहते हैं, ने राहुल गाँधी को एक चैलेंज दे दिया है। उनका कहना है कि, “अगर राहुल जी में दम है तो अपने फॉलोवर्स को आधार कार्ड से लिंक करके बताएं! फिर पता चल जाएगा कि कितने अकाउंट असली हैं और कितने नकली!” अब देखना दिलचस्प होगा कि राहुल गाँधी, मंत्री जी के चैलेंज को स्वीकार करते हैं या नहीं!



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