Thursday, 22nd June, 2017
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जनता की माँग - ''गर्मियों में रूहअफ्ज़ा पिलाने वालों पर भी हो बैन''

11, Apr 2017 By banneditqueen

दिल्ली. बैन के मौसम की बहार है, आज ये बैन तो कल वो बैन। पुरसो बीफ बैन हुआ तो कल शिवराज मामा ने भी शराब बैन करने का ऐलान कर दिया। जब सब बैन हो ही रहा है तो जनता ने सोचा कि लगे हाथों गर्मियों में पिलाया जाने वाला लाल पेय रूहअफ्ज़ा भी बैन हो। ‘ऑल इंडिया गर्मी से परेशान’ संघ ने कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस सम्बंध में चिठ्ठी लिखी। संघ की माँग है कि जब सरकार इतनी चीज़ें बैन कर रही है तो एक और चीज़ बैन करने में कोई परेशानी होनी चाहिए।

लाल रंग का जल रूपी खतरा
लाल रंग का जल रूपी खतरा

संघ के प्रवक्ता श्री डर्मी कूल जी ने फेकिंग न्यूज़ को बताया ”गर्मी का समय होता है छास और लस्सी पीने के लिए, पर लोगों को समझ कहाँ है। ‘आइए ना भाईसाहब बैठिए, कुछ चाय नाश्ता बुलवा दूँ’ बोलने के बाद ना चाय आती है, ना नाश्ता! सबसे पहले आता है लाल रंग का रूहअफ्ज़ा। उसमें भी कुछ महान लोग अलग से शक्कर डाल देंगे। लाल रंग होता है खतरे का निशान और रूहअफ्ज़ा सामने आते ही यह एहसास होता है कि जिसने भी लाल रंग को खतरे का निशान बनाया था बिल्कुल सही बनाया था। मेहमान आए हैं तो थोड़ा रसोंई मे जाकर हाथ चला लो आखिर छास या लस्सी बनाने में कितना वक्त लगता है भला? अरे चलो उतना भी नहीं कर सकते तो रसना या फ्रूटी ही पिला दो। रूहअफ्ज़ा के सालाना प्रकोप से बचने के लिए हम प्रधानमंत्री मोदी से निवेदन करते हैं कि रूहअफ्ज़ा परोसने वालों पर बैन लगाया जाए।”

इसके अलावा संघ की यह भी माँग है कि हर समय ‘बहुत गर्मी है’, ‘इस साल कुछ ज्यादा गर्मी है’ बोलने वालों पर भी बैन लगे। संघ के मेम्बर मटका प्रसाद ने कहा ”ये बोलने से कि बहुत गर्मी है, गर्मी कम तो नहीं हो जाएगी। हम इस फाल्तू डिस्कशन से बचना चाहते हैं।”



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