Monday, 18th December, 2017

चलते चलते

पान मसाला गुटखा बैन होने के बाद अधिकारियों ने पहली बार सुनी एक दूसरे की आवाज़

24, Mar 2017 By banneditqueen

कानपुर. योगी सरकार के गुटखा और पान मसाला बैन करने के फैसले उत्तर प्रदेश की अधिकतर जनता दुखी है। पी.डब्लू.डी. विभाग में काम करने वाले सुरेश यादव को कई सालों से गुटखा चबाने की आदत थी। उनके कई और साथी भी इस आदत के शिकार थे। दिन भर में चाहे अन्न का एक निवाला ना जाए पर गुटखा-पान मसाला ज़रूर खाएँगे। इस आदत के चलते अधिकारी एक दूसरे से मुंडी हिलाकर बात करते थे या ज्यादा ज़रूरत पड़ने पर एक दूसरे को चिट पास करके वार्तालाप करते थे।

गुटखा थूकने के बाद अपनी आवाज़ सुन खुश होते सुरेश जी
गुटखा थूकने के बाद अपनी आवाज़ सुन खुश होते सुरेश जी

तीन दिन पहले जब सुरेश जी को जब पान मसाला और गुटखा बैन होने की खबर पता लगी तो पहली बार गुस्से में उन्होंने मुँह से गुटखा थूका और सरकार को गालियाँ देने लगे। सुरेश के अॉफिस में काम करने वाले बाबू निलेश शर्मा सुरेश जी की आवाज़ सुनकर अचम्भित रह गए। निलेश ने अॉफिस में चाय देने आए राजू से कहा ”हमको तो लगता था सुरेश जी की ज़बान नहीं है या तो फिर बोलने में कुछ तकलीफ है, आज 10 साल में पहली बार उनकी आवाज़ सुनी। अब समझ आ रहा है कि यह सब गुटखे का कमाल है।”

धीरे धीरे जब गुटखा बैन की खबर पूरे ऑफिस में फैल गई और माहौल गमगीन हो गया। ऊँचे लोग ऊँची पसंद पान मसाला खाने वाले ललित पांडे भी सुबक कर रोने लगे। सभी अधिकारी मुँह से पान मसाला गुटथा थूक कर एक दूसरे को सांत्वना देने लगे। सुरेश जी ने ललित से कहा ”गुटखा बंद होने का दुख तो है पर आज पहली बार हमें एक दूसरे से बात करने के लिए शब्दों का इस्तेमाल करना पड़ा। वरना आज तक तो केवल इशारों इशारों में बात हो जाती थी, जनता सरकार को माफ नहीं करेगी।”



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