Monday, 26th June, 2017
चलते चलते

"परिवार के साथ समय गुजारना चाहिए"-पर लेक्चर देने विदेश गए थे मोटिवेशनल स्पीकर,1 महीने बाद घर को लौटे

23, May 2017 By Ritesh Sinha

मुंबई. देश के जाने माने मोटिवेशनल स्पीकर एस. जानकीनाथ जी, कल देर रात भारत लौट आए, वो पिछले एक महीने से विदेश दौरे पर थे, क्योंकि उन्हें “हमें परिवार के साथ ज्यादा समय गुजारना चाहिए” विषय पर स्पीच देना था। लगातार एक महीने तक अपने परिवार से दूर रहकर जानकीनाथ जी ने इस महत्वपूर्ण विषय पर अपना भाषण दिया। इस दौरान वे दुनिया के सभी बड़े फर्म्स, यूनिवर्सिटीज में गए और वहां पर लेक्चर दिया कि हमें जितना ज्यादा हो सके अपनी फैमिली के साथ समय बिताने का प्रयास करना चाहिए। कंपनी की ग्रोथ बढ़ाने के चक्कर में अपने परिवार को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए।

जनता को अपना दीवाना बनाते जानकीनाथ
जनता को अपना दीवाना बनाते जानकीनाथ
जानकीनाथ जी की स्पीच दिल को छू लेने वाली होता थी, कई बार तो लोग हॉल में ही आमिर खान की तरह रो पड़ते थे। माना जा रहा है कि इस सक्सेसफुल टूर के बाद जानकीनाथ जी की लोकप्रियता और बढ़ गई है। हालाँकि, इस अभियान के दौरान किसी ने भी जानकीनाथ को नहीं पूछा कि वे खुद एक महीने से घर क्यों नहीं गए हैं?
एअरपोर्ट पर जानकीनाथ जी को रिसीव करने उनकी पत्नी, बच्चे और कई शुभचिन्तक आए हुए थे। सबने अपना आधार कार्ड अपनी जेब में रख लिया था, ताकि अगर जानकीनाथ जी किसी को ना पहचान पाएं, तो तुरंत आधार-कार्ड दिखाकर मामले को रफा-दफा किया जा सके। यहाँ तक कि उनकी पत्नी और बच्चों के गले में भी आधार-कार्ड लटका दिया गया था। जैसे ही जानकीनाथ जी एअरपोर्ट से बाहर निकले आसमान नारों से गूंज उठा, उनका भव्य स्वागत किया गया।
जानकीनाथ जी ने इस सफल दौरे के बारे में मीडिया को बताया कि “देखिए! हमारे प्रोफेशन में आजकल बहुत ज्यादा भागदौड़ हो गई है, लोग मोटीवेट होने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। बस, इसी सिलसिले में मैं कुछ दिन पहले स्पीच देने विदेश चला गया था। वहां इस दौरान मैंने एक सुखी परिवार के महत्त्व पर प्रकाश डाला, जिसका टॉपिक था “हमें परिवार के साथ ज्यादा समय गुजारना चाहिए!” मैंने लोगों से अपील की कि पैसे के पीछे ज्यादा मत भागिए, कुछ दिन घर में भी गुजारिए। इस दौरे से मुझे काफी अच्छा रिस्पांस मिला है, कुछ मोटे कस्टमर भी हाथ लगे हैं।”
“लेकिन आप खुद इतने दिनों तक देश से बाहर थे? और आप इसी मुद्दे पर दूसरों को भाषण देते हैं?” ऐसा कहे जाने पर वे भड़क गए और उन्होंने अपनी चप्पल निकाल ली। “भाग यहाँ से, चला है मुझे मोटिवेट करने! मेरी बात अलग है। निकल यहाँ से नहीं तो तेरा भुर्ता बना दूंगा।”-कहते हुए उन्होंने सभी पत्रकारों को भगा दिया।
उधर, सूचना मिली है कि जानकीनाथ जी सिर्फ चार दिनों के लिए घर वापस लौटे हैं। उसके बाद वे फिर से दो महीने के लिए विदेश दौरे पर चले जाएँगे। इस बार वे लोगों को गुस्सा नहीं करने के लिए मोटिवेट करने वाले हैं। अपनी स्पीच के दौरान वे बताएंगे कि गुस्से में आकर किसी के लिए चप्पल निकाल लेना अच्छी बात नहीं है।


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