Monday, 23rd April, 2018

चलते चलते

रैकेट से मच्छर मारने में माहिर बच्चे ने जताई बैडमिंटन स्पर्धा में जाने की इच्छा

30, Jan 2018 By banneditqueen

मुंबई. आल आउट, ओडोमॉस, मच्छरदानी इत्यादि इत्यादि का इस्तेमाल करने के बाद भी माहिम इलाके में रहने वाले सुदेश कामले को मच्छरों से निजात नहीं मिल रहा था। सोसाइटी वालों ने नालियों में धुंआ भी करवाया, पेस्टीसाइड चिड़कवाए पर कोई फायदा नहीं हुआ। कुछ समय लोगों के कहने पर सुदेश ने गौमूत्र भी छिड़का पर तबेले में सोने जैसा एहसास होने पर इस तरकीब को भी इस्तेमाल करना छोड़ना पड़ा।

एक पंथ दो काज
एक पंथ दो काज

तभी कल सुदेश आखिरकार थक हार कर मच्छर मारने वाला रैकेट ले आए। रैकेट देखते ही सुदेश का पांच वर्षीय बेटा चुलबुल काफी उत्साहित हो गया। उसे लगा कि पापा उसके लिए बैडमिंटन रैकेट लेकर आए हैं। पर जैसे ही उसे पता चला कि यह रैकेट खेलने के लिए नहीं मच्छर मारने के लिए है उसका मुंह ही उतर गया। उसका मन बहलाने के लिए सुदेश ने उसे रैकेट थमाया और कहा ”तुम पहले इससे मच्छर मारने की प्रैक्टिस करो अगर रोज़ सारे मच्छर मार दिए तो मैं तुम्हें अगले महीने रैकेट ला कर दूंगा।”

सुदेश ने सोचा कि चलो इसी बहाने बेटा भी खुश और उनके बिना हिले डुले सारे मच्छर भी मर जाएंगे। कुछ दिनों बाद चुलबुल ने कहा कि वो बैडमिंटन स्पर्धा में जाना चाहता है। इस पर जब सुदेश ने पूछा कि ”तुमने तो आजतक बैडमिंटन खेला भी नहीं है तो ये अचानक कैसे ख्याल आ गया?” तब चुलबुल ने कहा कि ”जब से आप मच्छर मारने वाला रैकेट लाए हैं तब से मैं रोज़ प्रैक्टिस कर रहा हूँ। सुबह से लेकर शाम तक पूरी बिल्डिंग के घरों के मच्छर मार कर आता हूँ। अब तो मैं साइना नेहवाल को भी हरा दूंगा।” इतना सुनते ही सुदेश बेहोश हो गए।



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