Tuesday, 12th December, 2017

चलते चलते

मेट्रो किराया बढ़ने के बावजूद भीड़ देख बदले स्नैपचैट के CEO के सुर कहा-भारत नहीं है ग़रीब देश

18, Oct 2017 By Guest Patrakar

दिल्ली. भारत हमेशा से ही अपने दुश्मनो को मुँह तोड़  जवाब देता आया है। आज़ादी से पहले अंग्रेज़ हो या आज़ादी के बाद पाकिस्तान, भारत हमेशा लोगों की उमीद से ज़्यादा ही प्रदर्शन करता आ रहा है। बीते दिनो इसके नए शिकार सोशल मीडिया ऐप स्नैपचैट के CEO इवान स्पाईगेल हुए।

delhi metroइवान ने अप्रैल में एक इंटर्व्यू के दौरान भारत पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि “स्नैपचैट भारत जैसे ग़रीब देश के लिए नहीं बना है”। इसपर भारतीयों ने अप्पत्ति जताते हुए स्नैपचैट की रेटिंग की ऐसी तैसी कर दी थी। और काफ़ी माफ़ी माँगने के बाद ही भारतीय रुके थे।

लेकिन बीते दिनो भारत के हालात देख कर इवान के बोल ही बदल गए। और बदले भी क्यूँ ना, इन दिनो सब्ज़ियों के भाव मानो सोने चाँदी से कम नहीं है, पेट्रोल इतना महँगा है कि चोर गाड़ी चुराने में भी चार बार सोचता है, प्रॉपर्टी के रेट इतने बढ़ गए है कि लोग गुनाह कर के जेल में ज़िंदगी बसर करने की सोच रहे है और पब्लिक ट्रान्स्पोर्ट का तो पूछिए ही मत साहब, दिल्ली मेट्रो का किराया इतना बढ़ गया है कि लोग महीने भर के किराए के लिए लोन लेते नज़र आ रहे है। इस सब पर भी जब हर एक भारतीय बिना कुछ कहे चुप चाप अपनी रोज़ मर्रा की लड़ाई लड़ रहा है तो कोई कैसे भारत को ग़रीब देश बोल सकता है?

यही हालात देख कर बीते बुधवार को इवान अपने ब्लॉग में बोले “मैं भारत को समझ नहीं पाया यह मेरी ग़लती है, भारत से अमीर कोई देश नहीं हो सकता, सौ रुपए प्रति लीटर पेट्रोल होने के बावजूद लोग आए दिन गाड़ियाँ ले रहे है यह अमीरी नहीं तो और क्या है? मैं अपने बोल वापस लेता हूँ, और यह ही नहीं हम अगले अप्डेट में भारत की इस जीवन शैली को दिखाने के लिए फ़िल्टर भी निकलेंगे”।

इवान स्पाईगेल के इतने बोलते ही इसका श्रेय लेने की होड़ शुरू हो गयी। जहाँ भाजपा एक तरफ़ इसे नरेंद्र मोदी की जीत बता रही थी वहीं आप नेता अरविंद केजरिवाल ने इसका क्रेडिट लेते हुए बोला कि “मेट्रो का किराया हमने बढ़ाया है जी, मोदी जी इसका क्रेडिट क्यूँ ले रहे है”?

इसका श्रेय चाहे कोई भी ले लेकिन फेकिंग न्यूज़ इसका श्रेय भारत की उस अवाम को देना चाहता है जो बिना रुके बिना शिकायत करे बस इस उम्मीद में चल रहा है कि शायद एक दिन उसे इस महँगाई से इजात मिलेगा और शायद एक दिन उसके अच्छे दिन आएँगे।



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