Saturday, 16th December, 2017

चलते चलते

VVIP भेदभाव का इलज़ाम लगाने वाली मीडिया ने क़ुबूला ''बराला केस में VVIP नहीं होते तो हम भी भाव नहीं देते''

10, Aug 2017 By banneditqueen

एजेंसी. अपनी साईकिल पर भी प्रेस का स्टिकर लगाकर घूमने वाले पत्रकार हमेशा से ही सरकार पर VVIP बर्ताव करने का इलज़ाम लगाते आए हैं। चंडीगढ़ स्टाकिंग केस में भी मीडिया वाले सरकार पर VIP पार्टियों द्वारा पुलिस का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगा रही है। मीडिया के हल्ले गुल्ले के बाद अब जब विकास बराला की गिरफ्तारी हो गयी है तब एक मीडियाकर्मी ने चौकाने वाला खुलासा किया है।

ऐसा न हो कि लोग हमें आम आदमी समझ लें
ऐसा न हो कि लोग हमें आम आदमी समझ लें

VVIP लोगों के खिलाफ हो रहे एक समारोह के दौरान जब हमने एक पत्रकार को बिना चेकिंग के अंदर जाते हुए देखा तो हमने उनसे रोककर पूछा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। उन्होंने गले में लटका ”PRESS ID” कार्ड हमें दिखते हुए कहा ”ये देख रहे हो? जब तक यह है कोई हमारी जांच नहीं कर सकता।” हमने पत्रकार जी से पूछा कि ”पहले भी कई लड़कियों ने छेड़खानी और पीछा करने की शिकायत सोशल मीडिया पर की है तो आपने कभी उन पर ध्यान क्यों नहीं दिया?” इस पर पत्रकार जी ने कहा ”देखिये केस VVIP था इसीलिए हमें दिखाना पड़ा, क्या है न कि आम जनता के दिल को बहुत ठंडक पड़ती है जब हम लोग नेताओं को अपने स्टूडियो में बुलाकर खरी खोटी सुनते हैं।”

”तो बाकी लड़कियों का क्या ?” हमने पत्रकार से फिर पूछा, ”अरे क्या बाकी लड़कियाँ, किसी गाँव में किसी पिंकी का कोई सोनू पीछा कर रहा है तो इसमें कौनसी जनता दिलचस्पी लेगी? जनता को भी तो लगना चाहिए कि हम लोगों में दम है नेताओं से सवाल जवाब करने का, अब ग्राम प्रधान से सवाल जवाब करेंगे तो कौन देखेगा टीवी पर? अब हटो यहाँ बुफे में से कटलेट ख़तम हो रही है, खाने दो हमें।” ऐसा बोलकर पत्रकार जी अंदर चले गए।



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