Friday, 24th November, 2017

चलते चलते

गंजे मैकेनिकल छात्र ने घर आए रिश्ते को ठुकराया, पूरा देश अचम्भित

02, Nov 2017 By Guest Patrakar

इंदौर. कैसा लगे अगर गंगा उलटी बहने लगे, चाँद ज़मीन पर आजाए और अरविंद केजरीवाल किसी पर इल्ज़ाम ना लगाए। चौकेंगे ना? ऐसा ही हुआ जब हर्ष श्रीवास्तव ने अपने शादी के लिए आए रिश्ते को ठुकरा दिया। अब इसमें क्या हैरान वाली बात है। रिश्ता तो कोई भी ठुकरा सकता है। दरसल हर्ष मेकेनिकल इंजीनियर है और केवल यह ही नहीं वो अपनी बढ़ती उम्र के चलते गंजे भी हो गए है। अब तो हैरान हुए ना? ऐसा लड़का रिश्ता ठुकराना तो बिल्कुल वैसा ही हुआ जैसे आज के दौर में काँग्रेस का किसी पार्टी का समर्थन ठुकराना।

baldingहर्ष इंदौर का रहने वाला है, और कई सालों से वहीं पास की एक फ़र्म में काम करता है। हर्ष की माताजी सुशीला श्रीवास्तव ने फेकिंग न्यूज़ से बातचीत की दौरान बताया “हम इस से बहुत परेशान आ गए है। हर्ष के लिए लड़की देखना कोई नहीं बात नहीं है। जब हर्ष 23 साल का हुआ हम तब से उसके लिए लड़की ढूँढ रहे है। लेकिन यह मेकेनिकल इंजीनियर है इसीलिए इसकी नौकरी ना मिलने के कारण कोई लड़की नहीं मिल रही थी। अब नौकरी मिली तो इसके बाल ग़ायब हो गए। और इसके बावजूद भी जब लड़की मिली तो इसने रिश्ता ठुकरा दिया। पहले तो हम इसके पसंद को लेकर घबरा गए मगर जब इसके पिताजी के हाथ इसका फ़ोन लगा और गैलरी में पड़ी गंदी तस्वीरों को देखा तो जान में जान आयी।

ऐसा 200 साल में एक बार होता है कि कोई गंजा मेकेनिकल लड़का शादी का प्रस्ताव ठुकरा दे। हमने मशहूर मनोवैज्ञानिक प्रो० बाबू लाल से इस बारे में बात की और इस व्यवहार की वजह जानने की कोशिश करी। प्रोफ़ेसर ने बताया “हर्ष को सिडिलिकाटिंग क्रोनोमीय है। जिसका मतलब है शादी के बाद होने वाले ख़र्चे का डर। हर्ष एक इंजीनियर है और यह डर काफ़ी सालों तक सिंगल रहने वाले इंजीनियर में आ ही जाता है। उन्हें अपना एकांत अच्छा लगने लगता है। और इसीलिए किसी भी नए रिश्ते में जाने से वो इसलिए परहेज़ करते है कि कहीं कोई ख़र्चा ना हो जाए”।

समय बदल रहा और शायद हम समय के साथ बदलने को तैयार नहीं हैं। लड़के या लड़की अगर शादी करने से मना करदें तो घर वाला घबरा जाते हैं और अजीबो ग़रीब दलील देने लगते हैं, जैसे वंश आगे कौन बढ़ाएगा, क्या हम कभी पोते पोती का मुँह नहीं देख पाएँगे। अगर इंसान ख़र्च उठाने लायक नहीं है तो क्या ऐसे में शादी कर बच्चे करना उन बच्चों के साथ अन्याय नहीं है?



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