Sunday, 23rd April, 2017
चलते चलते

प्रेस वाला सालों से गायब कर रहा था कपड़े, अब खोली कपड़ों की दुकान

03, Oct 2016 By banneditqueen

लखनऊ. ज्यादातर लोग जब कपड़े इस्त्री करने के लिये भेजते है तो कभी न कभी कुछ कपड़े इस्त्री होकर वापस आने के बाद गायब मिलते हैं। इस्त्री वालो को पूछो तो वह कहता है कि चेक कर के बताएगा फिर कुछ दिन बाद हम खुद ही गायब कपड़ों के बारे में सोचना छोड़ देते हैं। राजाजीपुरम इलाके में चंदू का नाम सब जानते थे। चंदू कई सालों से मेन रोड पर कोने में छोटी सी दुकान में कपड़े इस्त्री करता था। चंदू अपनी साइकल पर कपड़े लाद कर ले जाता और अगले ही दिन कपड़े प्रेस कर के ले आता।chandu shop

कॉलोनी के लगभग सभी घरों के कपड़े चंदू ही इस्त्री करता था। कई बार कुछ कपड़े गायब भी होते तो लोग नज़रअंदाज़ कर देते। कुछ समय बाद चंदू ने प्रेस करने का काम बंद कर दिया। राजाजीपुरम में रहने वाली निशा एक दिन अपने पड़ोसी मिताली के घर गई। निशा की नज़र मिताली के घर काम करने वाली गंगा बाई के कपड़ों पर पड़ी। निशा ने गंगा बाई से पूछा कि “ये सूट कहाँ से लिया ? बड़ा अच्छा लग रहा है।” गंगा बाई ने  खुश होकर बताया “अरे मैडम जी ये वो चंदू था ना इस्त्री वाला उसने दुकान खोली है गंज मार्केट के पहले सस्ते कपड़ों की, तीन सौ रुपये में तीन सूट लिये हैं।”

निशा का शक, कि ये सूट उस का है अब यकीन में बदल गया। उसने इस बात की खबर बाकी कॉलोनी वालों को दी। कुछ दिन बाद सभी महिलाओं ने फैसला किया कि वो चंदू की दुकान पर जाकर देखेंगी की चंदू उनके घर से चोरी किये हुए कपड़े बेच रहा है या नहीं। जब सारी महिलाएँ चंदू की दुकान पर पहुँची तो चंदू हक्का बक्का रह गया। चंदू का मुँह पूरी तरह से लाल हो चुका था। कुछ ही देर में चंदू पिछले दरवाज़े से भाग खड़ा हुआ। महिलाओं ने पूरी दुकान के कपड़े निकाले बाहर निकाल कर अपने कपड़े अपने पास रख लिये। चंदू चोरी किये हुए कपड़े बेच कर काफी कमाई कर चुका था। सुनने में आया है कि वह फिर किसी कॉलोनी में कपड़े प्रेस करने का काम कर रहा है। उसकी कोई फोटो ना होने के कारण पुलिस उसे ढूँढ नहीं पा रही।



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