Monday, 1st May, 2017
चलते चलते

बैंक से 2.5 लाख रुपये कैश निकालने के चक्कर में छपवाए शादीशुदा बेटे की शादी के कार्ड

23, Nov 2016 By banneditqueen

कानपुर. रेलवे कॉलोनी में रहने वाले परिमल चौरसिया को कल एस.बी.आई की ब्रांच से धक्के मार कर बाहर निकाल दिया गया। गार्ड के द्वारा की गई धक्का मुक्की के चलते गार्ड और चौरसिया जी में झड़प होने लगी। नोटबंदी के बाद बैंक और एटीएम के बाहर आम जनता से ज्यादा पत्रकारों की भीड़ है। बैंक के बाहर ही खड़े पत्रकार ने तुरंत खबर छाप दी “नोट बदलने आया 55 वर्षीय बुज़ुर्ग, 5 घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद नहीं मिले पैसे गार्ड ने धक्के मार कर निकाला बाहर।” यह खबर तुरंत ही सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई।”

बैंक की लाइन में लगे चौरसिया जी
बैंक की लाइन में लगे चौरसिया जी

कुछ ही देर में जब एक बैंक के कर्मचारी को इसकी खबर लगी तो उसने सफाई दी। कर्मचारी ने मीडिया को बताया कि “चौरसिया जी को धक्के मार के इसलिये बाहर निकाला क्योंकि चौरसिया जी जिस बेटे की शादी का कार्ड लेकर आए थे उस बेटे की शादी पहले ही हो चुकी है।” इस बारे में चौरसिया जी ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। चौरसिया जी के पड़ोसी धीरज पांडे जिनके बड़बोलेपन के चलते बैंकर को ये पता लगा कि वह बैंक को धोखा दे रहे हैं उन्होनें फेकिंग न्यूज़ को बताया कि “चौरसिया जी जो हैं सवेरे से बैंक की लाइन में लगे थे और हम उनके पीछे ही थे। जैसे ही काउंटर पर उनकी बारी आई तो उन्होनें  काउंटर पर शादी का कार्ड दिखाया। कार्ड देखते ही हमनेे पूछा कि चौरसिया जी सुकेश दुबारा शादी कर रहा है क्या? इतना बोलते ही बैंकर बाबू के कान खड़े हो गए। हमें इशारा कर कोने में बुलाया और पूछा कि चौरसिया जी के यहाँ सच में शादी है या यूँ ही बस। मैनें उन्हें बताया कि चौरसिया जी के इकलौते लड़के की तो इसी साल जनवरी में शादी हुई थी। बस फिर क्या था बैंकर बाबू ने गुस्से में गार्ड को बुलाया और कहा कि इनको बाहर निकालो। चौरसिया जी मुझे घूर घूर कर देख रहे थे पहले ही बता देते कि क्या प्लान है आखिर पड़ोसी ही पड़ोसी के काम आता है।” दरअसल चौरसिया जी ने अपने बेटे की शादी का एक नया कार्ड अगले महीने की तारीख पर बनवाया और उसे दिखाकर 2.5 लाख रुपये निकालने की योजना बना रहे थे।



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