Monday, 26th June, 2017
चलते चलते

चार दिन की छुट्टी का बोल कर गई कामवाली बाई तीन दिन में ही लौटी, मालकिन बेहोश

07, Jun 2017 By banneditqueen

मुंबई. चाहे गृहिणी हो या कामकाजी महिला सबकी आँखों का तारा उनका पति, बॉयफ्रेंड या बेटा/बेटी नहीं बल्कि उनके घर की कामवाली होती है। उनके लिए तो ”मेरे प्यार की उम्र बस इतनी हो सनम, तेरे नाम से शुरू तेरे नाम से ख़तम”, कहने का मतलब है कि दिन की शुरुआत भी कामवाली का नाम लेकर होती है, दिन का अंत भी उसी के नाम से होता है। अगर कामवाली दस मिनट भी लेट हो जाए तो दिल घबराने लगता है कि कहीं ऐसा ना हो कि आज बाई छुट्टी मार ले।

समय से पहले लौटी रेखा
समय से पहले लौटी रेखा

स्मार्ट फ़ोन के ज़माने में कामवाली भी हाईटेक हो गयी है, व्हाट्सअप कर फोटो भेज कर बताती हैं कि देखो आपकी पड़ोसन के घर पोछा लगा रही हूँ थोड़ी देर में आती हूँ। ऐसे में अगर कामवाली बाई छुट्टी मांग ले तो जैसे धरती फट जाती है और आपको आसमान निगल जाता है। जिस दिन कामवाली की छुट्टियां ख़तम होती हैं उस दिन नज़रें केवल दरवाज़े पर होती हैं कि ”कब आएगी कामवाली, आज आए तो बताती हूँ। ”

डोम्बीवली में रहने वाली शिखा सोनारे के घर में काम करने वाली रेखा बाई ने तीन दिन की छुट्टी ली। आमतौर पर अगर कामवाली दो तीन दिन की छुट्टी लेती है तो ये बात पक्की है कि वो पांच दिन से पहले नहीं आएगी। पर शिखा के घर कुछ ऐसा हुआ कि जानने वालों को विश्वास ही नहीं हुआ। दरअसल शिखा की कामवाली ने जब तीन दिन की छुट्टी ली तो सभी को उम्मीद थी कि कम से कम चार पांच दिन से पहले तो रेखा नहीं आने वाली। पर रेखा ने सबको चौंकाते हुए दो दिन में ही वापसी कर ली। जब दो दिन बाद शिखा के घर की डोरबेल बजी तो शिखा को बिलकुल उम्मीद नहीं थी कि रेखा ने घंटी बजाई होगी। जब शिखा ने दरवाज़ा खोला तो वो ख़ुशी के मारे बेहोश हो गयी। घरवालों को समझ ही नहीं आया कि वह बेहोश क्यों हुई। तभी देखा की बाहर रेखा खड़ी है तो सबको समझ आया कि शिखा क्यों बेहोश हुई।

शिखा ने होश आने पर बताया कि ”आजतक कभी ऐसा हुआ ही नहीं कि बाई निर्धारित समय से पहले आ जाए, जब मैंने रेखा को दरवाज़े पर देखा तो मुझे अपनी आँखों पर यकीन ही नहीं हुआ और मैं ख़ुशी के मारे बेहोश हो गयी।” हालाँकि बेहोश होने से शिखा के सर पर चोट आई है जिसके कारण रेखा का काम बढ़ गया है।



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