Thursday, 23rd March, 2017
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धूमधाम से संपन्न हुई किटी पार्टी, पति की सैलरी खर्च करने के तरीकों पर हुई चर्चा

14, Jan 2017 By Ritesh Sinha

रायपुर. मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर मिसेज गुप्ता के यहाँ एक भव्य किटी पार्टी का आयोजन किया गया। इस पार्टी में ‘पिंक रिबन’ ग्रुप की सभी महिलाएं शामिल हुईं। गौरतलब है कि ‘पिंक रिबन ग्रुप’ पांच सालों से बिना किसी लड़ाई झगड़े के चलने वाला देश का एकलौता किटी ग्रुप है। चूँकि ये पार्टी बहुत दिन बाद हुई,इसलिए सभी महिलाएं बहुत खुश थीं। किटी पार्टी में डिस्कस करने के लिए कई ज्वलंत मुद्दे रखे गए थे। लेकिन आखिरी वक़्त में प्रेसिडेंट की अनुमति से सभी मुद्दों को बाहर करके सिर्फ एक बड़ा मुद्दा रखा गया, और वो है-“पति की सैलरी ख़तम करने के 10 आसान तरीके।”

डिस्कशन करती मिसेज़ शाॅपली
डिस्कशन करती मिसेज़ शाॅपली

किटी पार्टी में मुम्बई से पैसा खर्च करने में एक्सपर्ट ‘मैडम शॉपली’ भी आईं हुई थी। मैडम शॉपली ने पार्टी में हसबैंड की सैलरी को जल्दी ख़तम करने के बहुत सारे नुस्खे बताए। मैडम शॉपली ने कहा कि- “जो भी आपको पसंद आए उसे खरीद डालिए.. साड़ी, नेकलेस,जूती.मोबाइल.. कुछ भी। पैसे की चिंता आप मत करिए। वो आपका काम नहीं है। और अगर आप खुद जॉब करती हैं तो अपनी सैलरी का पैसा भूलकर भी घर के खर्चे में मत लगाइए। घर के खर्च का बोझ भी पति की सैलरी में डाल दीजिए। तभी तो हमारे हसबैंड के पैसे जल्दी ख़तम होंगे।”-शॉपली जी ने अपना महंगा पर्स सम्हालते हुए कहा।

मैडम शॉपली का लेक्चर एक घंटे तक चला। लेक्चर के बाद किटीस ने एक्सपर्ट से सवाल भी पूछे जिनका एक्सपर्ट ने बड़ी बेबाकी से जवाब दिया। इसी बीच प्रेसिडेंट मिसेज बत्रा माईक के पास आई और कुछ बोलने लगी। दरअसल प्रेसिडेंट मिसेज बत्रा को ये शिकायत मिली थी कि किटी ग्रुप की कुछ सदस्या अपने पति की सैलरी ठीक से खर्च नहीं कर रही हैं। गुप्ता जी को महीने की 25 तारीख को पैसा गिनते हुए देखा गया था, बस! प्रेसिडेंट साहिबा इसी से नाराज थीं।

प्रेसिडेंट ने मिसेज गुप्ता को खड़े कराया और उन्हें माफ़ी मांगने के लिए मजबूर किया। प्रेसिडेंट ने कहा-“लगता है तुम अपने हसबैंड की सैलरी ठीक से खर्च नहीं कर रही हो। मैंने खुद गुप्ता जी को पैसे गिनते हुए देखा है। अगली बार ऐसी शिकायत नहीं आनी चाहिए वरना तुम्हे हमारे ग्रुप से निकाल दिया जाएगा।” कहते हुए प्रेसिडेंट मिसेज बत्रा लाल-पीली हो गईं। इसी बीच श्रीमती बहुगुणा ने नोटबंदी के मुद्दे को उठाने की कोशिश की, लेकिन प्रेसिडेंट ने उन्हें चुप करा दिया। आखिर में सभी सदस्यों ने लजीज नाश्ते का लुत्फ़ उठाया और अपने-अपने घर की ओर चली गईं।



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